शेयर बाजार में जोखिम के बिना कमाई की उम्मीद करना आसान नहीं, लेकिन इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर की तेज बढ़त ने कई कंपनियों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। इसी कड़ी में ब्रोकरेज फर्म नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने सोना बीएलडब्ल्यू प्रीसाइजन फॉरगिंग्स के शेयर पर 12 महीने के अंदर 570 रुपये तक पहुंचने का अनुमान जताया है। यह मौजूदा स्तर से करीब 16% ज्यादा है। नुवामा का कहना है कि EV सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और कंपनी की तकनीक व मॉडल इसे नया ग्रोथ इंजन दे सकते हैं।
रेवेन्यू और मुनाफे में जोरदार उछाल की उम्मीद
नुवामा का अनुमान है कि कंपनी का कारोबार आने वाले तीन साल में काफी बढ़ेगा। रिपोर्ट के अनुसार, FY25 के 3,546 करोड़ रुपये के रेवेन्यू से बढ़कर FY28 में कंपनी 6,124 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। EBITDA भी लगभग 967 करोड़ से बढ़कर 1,560 करोड़ रुपये होने की संभावना है। यह दिखाता है कि कंपनी की वित्तीय हिस्सेदारी मजबूत है और प्रोडक्ट लाइन तेजी से एक्सपैंड हो रही है। EV पार्ट्स की वैश्विक मांग बढ़ने से कंपनी को निरंतर ऑर्डर्स मिल रहे हैं, जो आने वाले वर्षों में इसे मजबूत स्थिति में रखेंगे।
ये भी पढ़ें : IndiGo संकट से हिल गया एविएशन सेक्टर, टेलीकॉम जैसा खतरा मंडराया, क्या सरकार करेगी बड़ी दखलअंदाजी?
लेकिन EV मार्केट का जोखिम भी बड़ा
जहां तेजी है, वहीं खतरा भी मौजूद है। नुवामा ने साफ संकेत दिया है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजारों में EV की मांग धीमी पड़ती है, तो इसका सीधा असर कंपनी की बिक्री और लाभ पर पड़ेगा। EV मार्केट अभी स्थिर नहीं है और कई देशों में नीतियों व आर्थिक परिस्थितियों के कारण उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। ऐसे में ऑटो-पार्ट्स कंपनियों को बेहद सतर्क रहकर प्लानिंग करनी होगी। यह भी संभव है कि अचानक मांग कम होने पर कंपनी के ऑर्डर स्लो हो जाएं और रिटर्न उम्मीद से कम मिलें।
बड़ी ऑर्डर बुक से निवेशकों को मिला भरोसा
कंपनी के पास लगभग 23,600 करोड़ रुपये का विशाल ऑर्डर बैकलॉग है, जिसमें 70% हिस्सा EV प्रोग्राम से जुड़ा है। रेलवे बिजनेस भी कंपनी की नई ताकत बन रहा है। FY25 की दूसरी तिमाही में रेलवे यूनिट ने 20% की ग्रोथ दर्ज की और 1,300 करोड़ रुपये के नए ऑर्डर हासिल किए हैं। संभावना है कि FY28 तक रेलवे बिजनेस लगभग 1,500 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा। मजबूत ऑर्डर बुक, विविध कारोबार और EV सेक्टर में तेजी कंपनी को लंबी अवधि के लिए आकर्षक निवेश विकल्प बनाते हैं।