लंबे इलाज और स्वास्थ्य लाभ के बाद सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को सोमवार को अस्पताल से छुट्टी मिल गई। अस्पताल से बाहर आने के बाद उन्होंने कहा कि अब उनकी तबीयत पहले से काफी बेहतर है और धीरे-धीरे स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। उन्होंने देशभर के लोगों के समर्थन और शुभकामनाओं के लिए आभार भी जताया।
राजघाट पहुंचकर दी बापू को श्रद्धांजलि
अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बाद सोनम वांगचुक सीधे राजघाट पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर अनशन शुरू करने से पहले भी वह सबसे पहले राजघाट आए थे और अब आंदोलन के बाद भी बापू को नमन कर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
आंदोलन की सफलता पर जताया आभार
सोनम वांगचुक ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देशभर के लोगों की साझा आवाज था। उन्होंने कहा कि जनता के समर्थन, एकजुटता और सहभागिता की वजह से यह अभियान सफल हुआ और लोगों की आवाज मजबूती से सामने आई।
समर्थकों को दिया धन्यवाद
अपने संदेश में वांगचुक ने आंदोलन से जुड़े सभी लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से लोगों ने इस मुहिम में साथ दिया, जिससे आंदोलन को नई ताकत मिली। उन्होंने सभी समर्थकों के सहयोग को लोकतंत्र की सबसे बड़ी शक्ति बताया।
लद्दाख लौटने की तैयारी
सोनम वांगचुक ने बताया कि राजघाट पर श्रद्धांजलि देने के बाद वह अपने घर लद्दाख लौटेंगे। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य में लगातार सुधार हो रहा है और अब वह धीरे-धीरे सामान्य दिनचर्या की ओर लौट रहे हैं।
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जनहित के मुद्दों पर आवाज उठाने की अपील
सोनम वांगचुक ने उम्मीद जताई कि भविष्य में भी लोग जनहित के मुद्दों पर इसी तरह एकजुट होकर अपनी आवाज उठाते रहेंगे। उन्होंने सभी नागरिकों से लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की अपील करते हुए अपने संदेश का समापन "जय हिंद", "नमस्कार" और "जुले" के साथ किया।