
Sonam Wangchuk message from jail: लद्दाख के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक इन दिनों जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। उन्हें 24 सितंबर को लेह में हुई हिंसा के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत गिरफ्तार किया गया था। सुरक्षा कारणों से उन्हें 26 सितंबर की रात 1,500 किलोमीटर दूर जोधपुर सेंट्रल जेल लाया गया। देश की सबसे सुरक्षित जेलों में से एक मानी जाने वाली इस जेल में सोनम को अलग वार्ड में 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी में रखा गया है।
भाई के माध्यम से भेजा संदेश, जांच की मांग दोहराई
सोनम वांगचुक ने अपने बड़े भाई त्सेतन दोरजे के माध्यम से जेल से एक संदेश भेजा है, जिसमें उन्होंने लद्दाख हिंसा में मारे गए चार लोगों की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब तक यह जांच नहीं होती, वे जेल में रहने को तैयार हैं। उनके वकील मुस्तफा हाजी, जिन्हें जेल में मुलाकात की विशेष अनुमति दी गई थी, ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि सोनम पूरी तरह शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ हैं। उन्होंने लद्दाख और देशभर के लोगों का आभार जताया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
शांति, एकता और अहिंसा की अपील
अपने संदेश में सोनम वांगचुक ने लद्दाख को छठी अनुसूची में शामिल करने और पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को दोहराया। उन्होंने कहा कि वे KDA और लद्दाख के लोगों की इस आंदोलन में मजबूती से साथ खड़े हैं। साथ ही उन्होंने सभी नागरिकों से शांति, एकता और अहिंसा बनाए रखने की अपील की। सोनम ने कहा कि संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाना ही लद्दाख के भविष्य की सच्ची दिशा है।