एलन मस्क की कंपनी SpaceX के शेयरों में लगातार तीसरे दिन तेज गिरावट देखने को मिली। सोमवार को स्टॉक 16.4 प्रतिशत गिरकर 154.60 डॉलर पर बंद हुआ। तीन दिनों की बिकवाली में कंपनी का बाजार मूल्य करीब 600 अरब डॉलर घट गया। शेयर अपने हालिया रिकॉर्ड स्तर से करीब 31 प्रतिशत नीचे आ चुका है।
20 अरब डॉलर के कर्ज ने बढ़ाई चिंता
गिरावट की सबसे बड़ी वजह कंपनी की बॉन्ड बिक्री योजना मानी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार SpaceX बड़े एआई प्रोजेक्ट और अगली पीढ़ी के रॉकेट कार्यक्रमों के लिए बॉन्ड के जरिए भारी रकम जुटाने की तैयारी में है। निवेशकों को चिंता है कि तेज विस्तार के साथ कंपनी पर कर्ज और खर्च का दबाव बढ़ सकता है। कंपनी ने कहा है कि बॉन्ड से मिलने वाली रकम सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों और पुराने अल्पकालिक कर्ज चुकाने में भी इस्तेमाल हो सकती है।
CCC रेटिंग वाली बात पर बड़ा फर्क
यहां एक जरूरी बात है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक SpaceX को CCC रेटिंग नहीं मिली है। Moody’s ने कंपनी को Baa1 और Fitch Ratings ने BBB+ रेटिंग दी है, जिन्हें निवेश-योग्य श्रेणी माना जाता है। इसलिए CCC रेटिंग और उसके कारण बिकवाली वाला दावा सही नहीं दिखता।
ये भी पढ़ें : सोना 1600 रुपये टूटा, चांदी 6000 से ज्यादा फिसली, खरीदारी का मौका या अभी और गिरेगा भाव?
खर्च और घाटे पर बाजार की नजर
SpaceX की आय बढ़ी है लेकिन एआई और अंतरिक्ष परियोजनाओं पर खर्च भी बहुत तेज है। रिपोर्टों के अनुसार कंपनी ने पिछले साल घाटा दर्ज किया था। निवेशक अब सिर्फ भविष्य के बड़े सपनों पर नहीं बल्कि यह भी देख रहे हैं कि कंपनी की कमाई खर्च और कर्ज के बोझ को कितनी तेजी से संभाल सकती है। इसी वजह से बॉन्ड योजना की खबर आते ही शेयरों में मुनाफावसूली और बिकवाली बढ़ गई।
टेक शेयरों पर भी दिखा असर
SpaceX में तेज गिरावट के बाद टेक सेक्टर में भी दबाव की चर्चा रही। हालांकि हर बड़ी टेक कंपनी की गिरावट को सीधे SpaceX से जोड़ना सही नहीं होगा। टेक शेयरों की चाल ब्याज दरों की उम्मीद एआई खर्च और वैश्विक बाजार के मूड से भी तय होती है। फिर भी SpaceX जैसी बड़ी कंपनी में बिकवाली ने निवेशकों की चिंता जरूर बढ़ाई।
मस्क की दौलत पर कितना असर
शेयरों में गिरावट से एलन मस्क की संपत्ति पर भी असर पड़ा है। लेकिन बाजार मूल्य का कम होना और किसी व्यक्ति की वास्तविक नकद संपत्ति घटना अलग बातें हैं। SpaceX का स्टॉक अभी भी अपने आईपीओ भाव से ऊपर बताया जा रहा है। अब बाजार की नजर इस पर रहेगी कि कंपनी बॉन्ड बिक्री की शर्तें क्या रखती है और एआई तथा रॉकेट परियोजनाओं के खर्च का रोडमैप कितना साफ दिखाती है।