देश की प्रमुख एयरलाइनों में शामिल SpiceJet इस समय गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रही है। बढ़ते कर्ज और ऑपरेशनल दिक्कतों के बीच कंपनी ने खर्च कम करने के लिए बड़े पैमाने पर स्टाफ कटौती का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, करीब 20% कर्मचारियों को हटाने या बिना वेतन के अस्थायी अवकाश पर भेजने की तैयारी है।
वेतन और बकाया ने बढ़ाई मुश्किल
कंपनी के भीतर हालात इस कदर खराब हैं कि कई वरिष्ठ अधिकारियों को 2-3 महीने से वेतन नहीं मिला है। इसके अलावा टीडीएस और पीएफ की 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भी बकाया बताई जा रही है। इससे कर्मचारियों के बीच असंतोष और चिंता का माहौल बन गया है।
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कर्ज और कानूनी दबाव
SpiceJet पर कर्ज का बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में एक विदेशी अदालत ने विमान लीज विवाद में कंपनी को करीब 68 करोड़ रुपये चुकाने का आदेश दिया है। इसके अलावा टैक्स और अन्य देनदारियों का भुगतान भी समय पर नहीं हो पाया है, जिससे वित्तीय दबाव और बढ़ गया है।
कर्मचारियों में बढ़ी चिंता
छंटनी की खबरों से पायलट, केबिन क्रू और ग्राउंड स्टाफ के बीच तनाव बढ़ गया है। बताया जा रहा है कि कई कर्मचारियों की नौकरी खतरे में है और छंटनी चरणबद्ध तरीके से हो सकती है। साथ ही पायलटों के कामकाज के शेड्यूल में भी बदलाव किया जा रहा है, जिससे अनिश्चितता और बढ़ गई है।