Sonal Dinusha Form : भारत और श्रीलंका के बीच कोलंबो में खेले जा रहे दूसरे टेस्ट में एक बार फिर श्रीलंका के युवा ऑलराउंडर सोनल डिनुषा ने अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान खींच लिया है। 25 साल के इस खिलाड़ी ने मुश्किल हालात में टीम की पारी को संभालते हुए एक और अर्धशतक लगाया। भारतीय गेंदबाज जहां दूसरे बल्लेबाजों पर दबाव बनाने में सफल रहे, वहीं डिनुषा ने संयम और आत्मविश्वास के साथ रन बनाए।
तीसरी बार पार किया 50 का आंकड़ा
सोनल डिनुषा इस टेस्ट सीरीज में लगातार तीन पारियों में 50 से ज्यादा रन बनाने वाले इकलौते बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने गॉल टेस्ट की पहली पारी में शानदार शतक लगाया था। इसके बाद दूसरी पारी में भी 84 रन बनाए। अब कोलंबो टेस्ट में भी उन्होंने अर्धशतक जमाकर अपनी बेहतरीन फॉर्म जारी रखी है। लगातार तीन पारियों में ऐसा प्रदर्शन उन्हें बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाता है।
करियर का यादगार दौर
डिनुषा अभी अपने टेस्ट करियर का सिर्फ पांचवां मुकाबला खेल रहे हैं, लेकिन उनका प्रदर्शन किसी अनुभवी बल्लेबाज जैसा नजर आ रहा है। कम मैचों में ही उन्होंने अपनी तकनीक और धैर्य का परिचय दिया है। भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के सामने रन बनाना आसान नहीं माना जाता, लेकिन डिनुषा ने हर मौके पर खुद को साबित किया है।
टीम के लिए बने भरोसेमंद खिलाड़ी
श्रीलंका के कई बल्लेबाज इस सीरीज में बड़ी पारियां खेलने में संघर्ष करते दिखे हैं। ऐसे समय में डिनुषा टीम के लिए सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज बनकर उभरे हैं। जब भी टीम दबाव में आई, उन्होंने जिम्मेदारी संभाली। यही वजह है कि श्रीलंकाई टीम को उनसे बड़ी उम्मीदें हैं और टीम प्रबंधन भी उनके प्रदर्शन से काफी संतुष्ट नजर आ रहा है।
आंकड़े भी दे रहे गवाही
अगर हाल की पारियों पर नजर डालें तो डिनुषा ने पिछले पांच टेस्ट पारियों में चार बार 50 से ज्यादा रन बनाए हैं। गॉल टेस्ट में 100 और 84 रन की पारियां खेलने के बाद उन्होंने कोलंबो में भी अर्धशतक जड़ दिया। इस सीरीज में वह श्रीलंका के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में शामिल हैं। दोनों टीमों के बल्लेबाजों की सूची में भी उनका नाम शीर्ष खिलाड़ियों के बीच दिखाई दे रहा है।
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आगे और बढ़ सकती है चुनौती
सोनल डिनुषा की मौजूदा फॉर्म टीम इंडिया के लिए भी चिंता का विषय बन सकती है। जिस तरह वह हर मैच में लंबी पारी खेल रहे हैं, उससे साफ है कि वह आने वाले समय में श्रीलंका की बल्लेबाजी के अहम स्तंभ बन सकते हैं। कोलंबो टेस्ट में उनका प्रदर्शन एक बार फिर दिखाता है कि श्रीलंका को एक ऐसा खिलाड़ी मिल गया है जो बड़े मुकाबलों में टीम की उम्मीदों पर खरा उतर सकता है।