सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद आखिरी आधे घंटे में बिकवाली इतनी तेज हुई कि निवेशकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों बड़े नुकसान के साथ बंद हुए, जबकि बाजार पूंजीकरण में भी भारी गिरावट दर्ज की गई।
आखिरी 30 मिनट में बढ़ी बिकवाली
शुक्रवार को कारोबार खत्म होने से पहले बाजार में अचानक दबाव बढ़ गया। सेंसेक्स 1092 अंक टूटकर 74,775 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 359 अंक गिरकर 23,547 पर पहुंच गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी देखने को मिली। इस गिरावट के चलते बीएसई का कुल बाजार पूंजीकरण करीब 5.56 लाख करोड़ रुपये घट गया।
मानसून को लेकर बढ़ी चिंता
गिरावट की एक बड़ी वजह मानसून को लेकर सामने आई खबर रही। मौसम विभाग ने बारिश के अनुमान में बदलाव किया, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई। भारत की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा खेती और ग्रामीण मांग पर निर्भर है। ऐसे में कम बारिश की आशंका से कृषि उत्पादन, ग्रामीण खपत और कई कंपनियों की आय पर असर पड़ने की चिंता बढ़ गई। बाजार ने इस खबर पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
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MSCI बदलाव का भी पड़ा असर
दूसरी बड़ी वजह वैश्विक इंडेक्स MSCI में हुए बदलाव रहे। MSCI इंडेक्स में कुछ कंपनियों को शामिल किया गया और कुछ को बाहर किया गया। इसके बाद बड़े विदेशी फंडों ने अपने पोर्टफोलियो में बदलाव शुरू किया। इस प्रक्रिया में कई शेयरों में एक साथ खरीद और बिक्री हुई, जिससे बाजार में दबाव बढ़ गया और गिरावट तेज हो गई।
इन शेयरों में दिखी ज्यादा कमजोरी
बाजार में सबसे ज्यादा दबाव बड़े शेयरों पर देखने को मिला। रिलायंस, इंडिगो और पावरग्रिड जैसे शेयरों में भारी बिकवाली हुई। इन कंपनियों में विदेशी और संस्थागत निवेशकों की सक्रियता ज्यादा रहती है, इसलिए इंडेक्स बदलाव का असर भी इन पर अधिक दिखाई दिया।
आगे क्या रहेगा नजरिया?
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में मानसून की स्थिति, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक संकेत बाजार की दिशा तय करेंगे। फिलहाल निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने और बाजार की चाल पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।