मंगलवार को शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी देखने को मिली, जिससे निवेशकों की संपत्ति कुछ ही मिनटों में करीब ₹5 लाख करोड़ बढ़ गई। बीएसई सेंसेक्स 1,500 अंकों से ज्यादा चढ़कर 74,200 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी 50 करीब 400 अंक उछलकर 22,900 के स्तर तक पहुंच गया। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी 2% से ज्यादा की तेजी ने बाजार में उत्साह भर दिया।
ट्रंप के बयान से बदला माहौल
इस तेजी का सबसे बड़ा कारण अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी के संकेत रहे। डोनाल्ड ट्रंप के बयान से यह उम्मीद जगी कि मिडिल ईस्ट में हालात सुधर सकते हैं। इससे वैश्विक निवेशकों की चिंता कम हुई और बाजार में पॉजिटिव सेंटिमेंट बना।
ग्लोबल मार्केट का मिला साथ
भारतीय बाजार को एशियाई और अमेरिकी बाजारों से भी मजबूत संकेत मिले। जापान, चीन और दक्षिण कोरिया के बाजारों में तेजी रही, जबकि अमेरिकी बाजार भी बढ़त के साथ बंद हुए। इससे घरेलू बाजार में खरीदारी का माहौल बना।
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शॉर्ट कवरिंग ने दी रफ्तार
मार्च F&O एक्सपायरी के चलते शॉर्ट कवरिंग ने बाजार को और गति दी। निफ्टी ने मजबूत सपोर्ट लेवल से उछाल लिया, जिससे ट्रेडर्स ने अपनी शॉर्ट पोजीशन कवर की और खरीदारी बढ़ गई। इससे तेजी और मजबूत हो गई।
रुपये की मजबूती से सहारा
भारतीय रुपये में आई मजबूती ने भी बाजार को सपोर्ट दिया। डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होकर 93.63 पर पहुंचा, जिससे विदेशी निवेशकों की बिकवाली में कमी आने की उम्मीद बनी। यह बाजार के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
आगे क्या है संकेत
विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल बाजार में राहत की रैली देखने को मिल रही है। हालांकि, स्थायी तेजी के लिए बाजार को महत्वपूर्ण स्तरों के ऊपर टिकना जरूरी है। ऐसे में निवेशकों को अभी भी सतर्क रहकर निवेश करने की सलाह दी जा रही है।