
Action Against Bareilly Violence: बरेली में हालिया हिंसा के बाद प्रशासन लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में नगर निगम ने इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के दफ़्तर को सील कर दिया, जिसका नेतृत्व मौलाना तौकीर रज़ा करते हैं। यह दफ़्तर एक शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के अंदर था, जिसे नाले पर अवैध रूप से बनाया गया था। नगर निगम ने पहले इस कॉम्प्लेक्स को चिन्हित किया था और फिर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत यह कदम उठाया गया। इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहे हैं कि प्रशासन हिंसा और अवैध निर्माण, दोनों मामलों में समझौता करने के मूड में नहीं है।
एफआईआर में तौकीर रज़ा मुख्य आरोपी
‘आई लव मुहम्मद’ अभियान के दौरान हुई हिंसा में पुलिस ने मौलाना तौकीर रज़ा को आरोपी नंबर 1 बनाया है। दर्ज एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि उन्होंने अपने समर्थकों को शहर का माहौल बिगाड़ने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने के लिए उकसाया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नमाज़ के बाद बड़ी भीड़ उनके आवास और मस्जिद के बाहर जमा हुई, जिसके बाद हालात बेकाबू हो गए। पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं तेजी से कई इलाकों में फैल गईं, जिससे बाजार बंद हो गए और कई पुलिसकर्मी घायल हो गए।
हजारों पर मुकदमा, जांच तेज
इस हिंसा के बाद पुलिस ने 11 एफआईआर दर्ज की हैं, जिसमें 2000 से ज्यादा लोगों के नाम शामिल हैं। अब तक करीब 40 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। तौकीर रज़ा को पहले नज़रबंद किया गया और बाद में हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस अब उनके मोबाइल फोन और साथियों के कॉल रिकॉर्ड खंगाल रही है ताकि साजिश की गहराई तक पहुंचा जा सके। अधिकारियों का कहना है कि कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और अतिक्रमण के खिलाफ भी अभियान जारी रहेगा।