परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी यानी सीजेपी आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करेगी। संगठन के संस्थापक अभिजीत दीपके ने समर्थकों से थाली और चम्मच साथ लाने की अपील की है। यह प्रदर्शन दोपहर एक बजे शुरू होने की बात कही गई है। संगठन का दावा है कि उन्हें दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन की मंजूरी मिल गई है। इस दौरान छात्र परीक्षा से जुड़े मामलों पर अपनी बात रखेंगे। प्रदर्शन को लेकर सोशल मीडिया पर भी लगातार पोस्ट और वीडियो शेयर किए जा रहे हैं। कई छात्र दिल्ली पहुंचने की तैयारी में हैं।
थाली चम्मच लाने की अपील
अभिजीत दीपके ने एक वीडियो जारी कर प्रदर्शन में आने वाले लोगों से थाली और चम्मच लाने को कहा है। उन्होंने कहा कि बाकी कहानी लोग पहले से जानते हैं। उनकी यह अपील कोविड के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील की याद दिलाती है, जब लोगों से ताली और बर्तन बजाने को कहा गया था। मार्च 2020 में प्रधानमंत्री ने कोरोना के दौरान काम कर रहे लोगों का हौसला बढ़ाने के लिए यह अपील की थी। अब सीजेपी के प्रदर्शन में थाली और चम्मच की आवाज के जरिए परीक्षा विवाद पर ध्यान खींचने की कोशिश की जाएगी।
नीट विवाद पर उठेंगे सवाल
सीजेपी का कहना है कि प्रदर्शन में नीट पेपर लीक विवाद और परीक्षा से जुड़े दूसरे मुद्दों को उठाया जाएगा। संगठन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहा है। प्रदर्शन करने वाले छात्रों का कहना है कि परीक्षा से जुड़े मामलों में जवाब मिलना जरूरी है। उनका आरोप है कि बार बार सामने आ रही खबरों से छात्रों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ी है। संगठन दोबारा परीक्षा होने की संभावना पर भी साफ जानकारी मांग रहा है। उनका कहना है कि अनिश्चितता की वजह से लाखों छात्र तनाव में हैं और उन्हें जल्द जवाब चाहिए।
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दूसरी बार दिल्ली में जुटान
आज का प्रदर्शन दिल्ली में सीजेपी का दूसरा बड़ा विरोध कार्यक्रम बताया जा रहा है। इससे पहले छह जून को भी जंतर-मंतर पर संगठन ने प्रदर्शन किया था। सीजेपी ने दिल्ली के अलावा पुणे, लखनऊ, अमृतसर, बेंगलुरु, हैदराबाद और जयपुर जैसे शहरों में भी विरोध प्रदर्शन किए हैं। इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में युवाओं और छात्रों के शामिल होने की बात सामने आई थी। संगठन खुद को छात्रों की आवाज बताता है। अब दिल्ली में फिर जुटान से यह साफ है कि परीक्षा से जुड़े मुद्दे पर आंदोलन की रफ्तार कम नहीं हुई है।
मुआवजे की भी रखी मांग
अभिजीत दीपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उन छात्रों के परिवारों को एक करोड़ रुपये देने की मांग की है, जिनकी मौत को संगठन ने परीक्षा विवाद से जोड़कर बताया है। उन्होंने दावा किया कि अब तक 11 छात्रों ने आत्महत्या की है। संगठन ने यह भी कहा कि इनमें से पांच मौतें पिछले 48 घंटों में हुई हैं। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। फिर भी सीजेपी का कहना है कि हर मामले की जांच होनी चाहिए। संगठन ने सरकार से छात्रों की मानसिक परेशानी को गंभीरता से लेने की अपील की है।
जवाबदेही की मांग रहेगी जारी
सीजेपी ने साफ कहा है कि परीक्षा में गड़बड़ी के आरोपों पर जवाबदेही तय होनी चाहिए। संगठन का कहना है कि सिर्फ जांच का भरोसा काफी नहीं है, छात्रों को साफ जवाब और समय पर फैसला चाहिए। आज के प्रदर्शन में थाली और चम्मच बजाकर छात्र अपनी नाराजगी दिखा सकते हैं। जंतर-मंतर पर पुलिस की नजर भी रहेगी ताकि किसी तरह की परेशानी न हो। प्रदर्शन के बाद सरकार और शिक्षा मंत्रालय की तरफ से क्या जवाब आता है, इस पर सबकी नजर रहेगी। छात्र संगठन आगे के आंदोलन का फैसला भी कर सकता है।