गाजियाबाद के चर्चित सूर्या प्रताप चौहान हत्याकांड में अब प्रशासनिक कार्रवाई भी तेज हो गई है। मुख्य आरोपी असद के पुलिस मुठभेड़ में मारे जाने के बाद प्रशासन ने उसके घर पर नोटिस चस्पा कर दिया है। खोड़ा क्षेत्र के नवनीत विहार स्थित मकान के बाहर अधिकारियों ने मुनादी कराते हुए 15 दिनों के भीतर कथित अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया है। इस कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में चर्चा का माहौल है और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
ढोल-नगाड़ों के साथ दी गई चेतावनी
प्रशासन की टीम ने इलाके में लाउडस्पीकर और ढोल-नगाड़ों के माध्यम से घोषणा कर लोगों को जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय के भीतर अवैध निर्माण नहीं हटाया गया तो आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बताया जा रहा है कि संबंधित संपत्ति अभी भी सरकारी अभिलेखों में असद के पिता के नाम दर्ज है। इसी आधार पर नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की जांच नियमों के अनुसार की जा रही है।
पीड़ित परिवार से मिले मंत्री
इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पीड़ित परिवार को समर्थन देने की कोशिश भी जारी है। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुनील कुमार शर्मा ने सूर्या प्रताप के परिवार से मुलाकात की और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिया। मंत्री ने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने परिवार को सुरक्षा और आवश्यक सहायता देने का भी आश्वासन दिया। इस मुलाकात के दौरान परिवार के सदस्यों ने अपनी चिंताएं भी साझा कीं।
ये भी पढ़ें : महीने की शुरुआत में सोने को लगा झटका! ₹1,600 तक टूटा भाव, चांदी भी फिसली, जानिए क्या है वजह
मां और बहन ने उठाई मांग
सूर्या प्रताप की मां और बहन ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उनका कहना है कि केवल एक आरोपी पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है, बल्कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए। परिवार ने प्रशासन से यह भी मांग की है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ भी तेजी से कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें न्याय मिल सके।
28 मई को हुई थी घटना
गौरतलब है कि 28 मई को 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान की हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था। पुलिस ने जांच के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया और मुख्य आरोपी असद पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। अब प्रशासनिक कार्रवाई के साथ मामला एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। पुलिस और प्रशासन दोनों का कहना है कि पूरे मामले में कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।