टाटा समूह के अधिग्रहण के बाद Air India के अच्छे दिन लौटते दिख रहे हैं। निजीकरण के बाद एयर इंडिया को पहली बड़ी सौगात मिली है, जिसने विमानन जगत में हलचल पैदा कर दी है। आठ साल से अधिक समय बाद एयर इंडिया के बेड़े में एक नया लंबी दूरी का विमान शामिल होने जा रहा है। यह बदलाव उस दौर का संकेत माना जा रहा है, जब एयर इंडिया फिर से अपनी खोई हुई पहचान वापस पाने की ओर बढ़ रही है।
नया विमान और खास पहचान
एयर इंडिया को जो नया विमान मिला है, वह बोइंग का सात आठ सात नौ मॉडल है। यह विमान खास इसलिए है क्योंकि इसके सभी जरूरी उपकरण और सुविधाएं विमान बनने के समय ही उसमें लगाई गई हैं। यानी बाद में कोई बदलाव नहीं किया गया। विमानन क्षेत्र में इसे आधुनिक और बेहतर तकनीक का प्रतीक माना जाता है। जनवरी दो हजार बाईस में टाटा समूह के स्वामित्व में आने के बाद यह एयर इंडिया का पहला ऐसा विमान है।
अमेरिका से भारत तक का सफर
जानकारी के अनुसार सात जनवरी को अमेरिका के सिएटल शहर में बोइंग के कारखाने से इस विमान का स्वामित्व एयर इंडिया को सौंपा गया। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय की जांच पूरी होने के बाद यह विमान जल्द ही भारत पहुंचेगा। इससे पहले एयर इंडिया को ऐसा विमान वर्ष दो हजार सत्रह में मिला था, जब कंपनी सरकार के अधीन थी। लंबे अंतराल के बाद यह आपूर्ति कंपनी के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
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लंबी दूरी की उड़ानों को मिलेगा बल
यह नया विमान एयर इंडिया के बेड़े में शामिल होने वाला पहला चौड़े ढांचे वाला विमान है। इससे अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की क्षमता बढ़ेगी और यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी। वर्ष दो हजार तेईस में दिए गए बोइंग विमानों के बड़े ऑर्डर में यह बावनवां विमान है। वहीं एयर इंडिया एक्सप्रेस को पहले ही संकरे ढांचे वाले कई नए विमान मिल चुके हैं, जिससे घरेलू और छोटी दूरी की उड़ानों में सुधार आया है।
बड़े ऑर्डर और मजबूत बेड़ा
टाटा समूह के अधिग्रहण के बाद एयर इंडिया ने तीन सौ पचास एयरबस और दो सौ बीस बोइंग विमानों का बड़ा ऑर्डर दिया था। एयरबस के कुछ विमान पहले ही सेवा में आ चुके हैं। इसके अलावा विस्तारा एयरलाइंस के विलय के बाद एयर इंडिया के पास पहले से मौजूद कई आधुनिक विमान भी शामिल हो गए हैं। इस समय एयर इंडिया समूह के पास तीन सौ से अधिक विमान हैं, जिससे यह देश के सबसे बड़े विमानन समूहों में शामिल हो गया है।
महाराजा की वापसी की उम्मीद
अधिकारियों का कहना है कि पुराने ड्रीमलाइनर विमानों को भी नए रूप में सजाकर दो हजार छब्बीस तक फिर से सेवा में लाया जाएगा। नए विमान और बेहतर प्रबंधन के साथ उम्मीद की जा रही है कि एयर इंडिया फिर से विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाएगी। यात्रियों को बेहतर सेवा और सुविधाएं मिलेंगी और महाराजा के सुनहरे दिन एक बार फिर लौट सकते हैं।