Tattoo Health Risks: टैटू बनवाना आजकल एक फैशन और पर्सनैलिटी का हिस्सा बन चुका है। बड़ी संख्या में लोगों के शरीर पर टैटू देखे जा सकते हैं। बीते कुछ वर्षों से भारत में भी इसका चलन बहुत तेजी से बढ़ा हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं टैटू आपके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। जी हां हाल ही में एक स्टडी में खुलासा हुआ है कि टैटू बनवाने वाले लोगों में स्किन कैंसर (खासकर मेलानोमा) का खतरा अन्य के अपेक्षा थोड़ा ज्यादा हो सकता है।
मेलानोमा होने का रिस्क लगभग 29% ज्यादा
आपको बता दें कि स्वीडन की एक यूनिवर्सिटी की स्टडी में खुलासा हुआ है कि टैटू बनवाने से स्किन कैंसरा का खतरा बढ़ सकता है। इस रिसर्च में करीब 12,000 लोगों के डेटा का विश्लेषण किया गया, जिसमें यह सामने आया कि टैटू बनवाने वाले लोगों में मेलानोमा होने का रिस्क लगभग 29% ज्यादा था। ऐसा नहीं है कि टैटू बनवाने वाला हर व्यक्ति कैंसर का शिकार हो सकता है, लेकिन अन्य लोगों के अपेक्षा टैटू बनवाने वाले लोगों में स्किन कैंसर का जोखिम ज्यादा रहता है।
टैटू से रिस्क क्यों बढ़ सकता है?
बता दें कि टैटू सीधे तौर पर स्किन कैंसर का कारण नहीं बनते, लेकिन स्याही में मौजूद रसायन, पुरानी सूजन और सूरज की किरणों के प्रति त्वचा की संवेदनशीलता से जोखिम बढ़ सकता है। वैज्ञानिक कुछ संभावनाओं पर रिसर्च कर रहे हैं। बता दें, टैटू के रंगों में कई तरह के रंग और रसायन मौजूद होते हैं, जो सूर्य की रोशनी या लेजर रिमूवल के दौरान टूटकर हानिकारक सब्सटेंस बना सकते हैं। टैटू बनवाते समय जिस इंक का इस्तेमाल होता है, वो सिर्फ त्वचा में ही नहीं रहती है, बल्कि उसके कुछ कण शरीर के लिम्फ नोड्स तक पहुंच जाते हैं, जहां वे कई सालों तक जमा हो सकते हैं। इससे शरीर में हल्की-हल्की क्रॉनिक इंफ्लेमेशन (लंबे समय तक सूजन) बनी रह सकती है, जो कैंसर के जोखिम को बढ़ा सकती है। हालांकि यह स्टडी साबित नहीं करती कि टैटू सीधे-सीधे कैंसर का कारण बनते हैं।