साल 2026 की शुरुआत टीम इंडिया के लिए घरेलू मैदान पर न्यूजीलैंड सीरीज से होगी। जनवरी में खेली जाने वाली वनडे और टी20 सीरीज से ही भारतीय टीम का टेम्पो सेट होगा। वडोदरा, राजकोट और इंदौर में वनडे मुकाबले होंगे, जबकि नागपुर से तिरुवनंतपुरम तक पांच टी20 खेले जाएंगे। यह सीरीज नए संयोजन और खिलाड़ियों की फॉर्म परखने का बड़ा मौका मानी जा रही है। सीमित ओवरों में मजबूत प्रदर्शन से टीम वर्ल्ड कप से पहले आत्मविश्वास बढ़ाना चाहेगी।
टी20 वर्ल्ड कप का दबाव
फरवरी और मार्च 2026 में भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में टी20 वर्ल्ड कप खेला जाएगा। भारत अपने अभियान की शुरुआत मुंबई और दिल्ली में करेगा, जबकि सबसे बड़ा मुकाबला पाकिस्तान के खिलाफ कोलंबो में होगा। ग्रुप स्टेज के बाद सुपर-8 और नॉकआउट में पहुंचने का दबाव साफ नजर आएगा। मुंबई में सेमीफाइनल और अहमदाबाद में फाइनल का आयोजन होना है, जहां घरेलू दर्शकों की उम्मीदें चरम पर रहेंगी।
आईपीएल से इंग्लैंड तक लंबी दौड़
वर्ल्ड कप के तुरंत बाद मार्च से मई तक आईपीएल 2026 खेला जाएगा, जो खिलाड़ियों की फिटनेस और वर्कलोड को चुनौती देगा। इसके बाद जून में अफगानिस्तान भारत दौरे पर आएगा, जहां वनडे के साथ एक टेस्ट भी खेला जाएगा। जुलाई में टीम इंडिया इंग्लैंड दौरे पर जाएगी, जहां पांच टी20 और तीन वनडे मुकाबले तय हैं। इंग्लैंड की पिचों पर यह दौरा युवा और सीनियर खिलाड़ियों दोनों के लिए अहम साबित होगा।
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टेस्ट प्रतिष्ठा और एशियाई चुनौती
अगस्त में भारत श्रीलंका दौरे पर दो टेस्ट खेलेगा, जहां टेस्ट क्रिकेट में खोई साख वापस पाने का मौका रहेगा। सितंबर में अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 मुकाबले, एशियन गेम्स और वेस्टइंडीज का भारत दौरा भी तय है। अक्टूबर-नवंबर में न्यूजीलैंड दौरे पर दो टेस्ट और तीन वनडे होंगे, जबकि दिसंबर में श्रीलंका भारत आकर सीमित ओवरों की सीरीज खेलेगा। लगातार दौरों और घरेलू सीरीज के बीच टीम इंडिया के लिए 2026 हर मोर्चे पर कड़ी परीक्षा लेकर आ रहा है।