Telangana Crime News: तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले के शाबाद में हुए छह लोगों की हत्या के मामले में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। घटना के बाद पुलिस की कथित लापरवाही को लेकर उठे सवालों के बीच शाबाद के सर्किल इंस्पेक्टर (CI) और सब-इंस्पेक्टर (SI) को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, फरार मुख्य आरोपी राजकुमार की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने दो लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है। मामले की जांच तेज कर दी गई है और आरोपी की तलाश में कई विशेष टीमें जुटी हुई हैं।
लापरवाही के आरोपों पर बढ़ा जनाक्रोश
सामूहिक हत्याकांड के बाद शाबाद क्षेत्र में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। स्थानीय नागरिकों और पीड़ित परिवारों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी शिकायतें दर्ज कराई गई थीं, लेकिन पुलिस ने समय रहते कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यदि शुरुआती शिकायतों पर गंभीरता दिखाई जाती, तो इस बड़ी घटना को रोका जा सकता था।
पीड़ित परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि मुख्य आरोपी को स्थानीय पुलिस का संरक्षण प्राप्त था। परिजनों का दावा है कि तत्कालीन पुलिस अधिकारियों ने आरोपी को गिरफ्तारी से बचाने में मदद की, जिससे उसके हौसले बढ़ते गए। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन का कहना है कि सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है और यदि किसी अधिकारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी।
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आरोपी की तलाश में आठ विशेष टीमें
पुलिस ने फरार आरोपी राजकुमार की गिरफ्तारी के लिए आठ विशेष जांच टीमें गठित की हैं। जांच एजेंसियां सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और अन्य सुरागों के आधार पर उसकी तलाश कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी किराये के वाहन से शाबाद पहुंचा था। पुलिस वाहन मालिक और उससे जुड़े लोगों से भी पूछताछ कर रही है। साथ ही आरोपी की सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखने का आश्वासन दिया गया है।
एनएचआरसी में पहुंचा मामला
इस हत्याकांड को लेकर अधिवक्ता रामा राव इम्माननी ने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि स्थानीय पुलिस ने पहले मिली शिकायतों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की। आयोग से दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, मुख्य आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की गई है। वहीं प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।