
अमेरिका और वेनेजुएला के बीच तनाव चरम पर पहुंच चुका है। दोनों देश के बीच युद्ध की आशंका बनी हुई है। शुक्रवार को पेंटागन ने लैटिन अमेरिका में 10 हजार सैनिकों और करीब दर्जनों एयरक्रॉफ्ट कैरियर को तैनात कर दिया है। इसके साथ युद्धपोतों की तैनाती कर दी गई है। पेंटागन की तैयारी को लेकर काराकास के राष्ट्रपति पैलेस में हड़कंप मच गया है। इसके जवाब में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने आकामक कार्रवाई करते हुए, रूसी हथियारों की तैनाती की है। ऐसे में दोनों देशों में तनाव काफी बढ़ चुका है।
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अमेरिका कर सकता है बड़ा हमला
लैटिन अमेरिका में जिस तरह से सैन्य गतिविधियां बढ़ी हैं, उससे लगता है कि बड़ा युद्ध होना संभव है। अमेरिका ने करीब 10000 सैनिकों की तैनाती कर दी है। उसने युद्धपोत, एयरक्रॉफ्ट कैरियर और परमाणु पनडुब्बियों को तैनाती को बढ़ा दिया है। ऐसे में सवाल ये खड़ा होता है कि क्या अमेरिका वाकई हमला करेगा या ये दबाव बनाने की कोशिश है। इस बीच अमेरिका ने कैरेबियन सागर में कई ड्रग तस्कर वाली नावों को हवाई हमले में उड़ा दिया है। बीते एक माह में अमेरिका की ओर से वेनेजुएला के नावों पर किए हमले में 45 से अधिक लोग मारे जा चुके है।
मादुरो ने की अहम बैठक
अमेरिका की युद्ध तैयारियों को देखते हुए ने पलटवार करते हुए जवाब में राष्ट्रपति मादुरो ने एक अहम बैठक की। शनिवार को उन्होंने रूसी हथियारों की तैनाती को लेकर आदेश दिए। इससे कैरेबियन सागर में हड़कंप मच गया है। रूसी हथियारों के समुह ने कैरेबियन सागर को चारों ओर से घेर लिया है। निकोलस मादुरो वेनेजुएला के मजबूत नेता माने जाते हैं। वह अपने सलाहकारों के साथ मंत्राणा कर रहे हैं। इस दौरान खुफिया रिपोर्ट्स में सामने आई कि पेंटागन ने कैरिबियन सागर में 10,000 अमेरिकी सैनिक तैनात किया है।