टेस्ट क्रिकेट को खेल का सबसे कठिन और असली प्रारूप माना जाता है। यहां सिर्फ रन बनाना ही काफी नहीं होता, बल्कि खिलाड़ी के धैर्य, एकाग्रता और मानसिक मजबूती की भी कड़ी परीक्षा होती है। पांच दिनों तक चलने वाले इस खेल में हर सत्र मैच की दिशा बदल सकता है। ऐसे में किसी बल्लेबाज का टेस्ट मैच के पांचों दिन बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरना बेहद दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है। क्रिकेट इतिहास में अब तक सिर्फ 13 बल्लेबाज ही यह रिकॉर्ड बना सके हैं।
भारत ने की थी शुरुआत
इस खास रिकॉर्ड की शुरुआत भारत के मोटगनहल्ली जयसिम्हा ने की थी। उन्होंने 1960 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलकाता टेस्ट में पांचों दिन बल्लेबाजी कर इतिहास रच दिया था। पहली पारी में निचले क्रम में बल्लेबाजी करने आए जयसिम्हा ने दूसरी पारी में शानदार 74 रन बनाए और क्रिकेट जगत को एक नया रिकॉर्ड दिया। इसके बाद इंग्लैंड के जियोफ बॉयकॉट, ऑस्ट्रेलिया के किम ह्यूज और इंग्लैंड के एलन लैम्ब जैसे दिग्गज बल्लेबाजों ने भी यह उपलब्धि हासिल की।
भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा
इस अनोखी सूची में भारत के तीन बल्लेबाज शामिल हैं। जयसिम्हा के बाद रवि शास्त्री ने 1984 में इंग्लैंड के खिलाफ यह कारनामा किया। शास्त्री ने कोलकाता टेस्ट में शानदार शतक भी लगाया था। इसके कई साल बाद चेतेश्वर पुजारा ने 2017 में श्रीलंका के खिलाफ ईडन गार्डन्स टेस्ट में पांचों दिन बल्लेबाजी कर इस सूची में अपना नाम दर्ज कराया। तीन भारतीय खिलाड़ियों का इस सूची में होना भारतीय क्रिकेट के लिए गर्व की बात माना जाता है।
दुनिया के कई दिग्गज शामिल
इस रिकॉर्ड को बनाने वालों में एंड्रयू फ्लिंटॉफ, एड्रियन ग्रिफिथ, अल्विरो पीटरसन, रोरी बर्न्स, क्रेग ब्रैथवेट, तेजनारायण चंद्रपॉल और उस्मान ख्वाजा जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। खास बात यह रही कि 2023 में जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के बीच खेले गए टेस्ट में क्रेग ब्रैथवेट और तेजनारायण चंद्रपॉल दोनों ने एक ही मैच में यह उपलब्धि हासिल की। टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में यह पहली बार हुआ था।
सिर्फ रिकॉर्ड नहीं, धैर्य की पहचान
पांचों दिन बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरना सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं है। इसके लिए बल्लेबाज को लंबे समय तक क्रीज पर टिकना पड़ता है और अलग-अलग परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। कई बार मैच की स्थिति, मौसम और गेंदबाजों की चुनौती भी बदलती रहती है। ऐसे में यह उपलब्धि किसी खिलाड़ी की तकनीक के साथ-साथ उसके धैर्य और मानसिक मजबूती को भी दिखाती है।
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आज भी कायम है रिकॉर्ड की चमक
इतने लंबे क्रिकेट इतिहास में सिर्फ 13 बल्लेबाजों का इस सूची में होना बताता है कि यह उपलब्धि कितनी कठिन है। आधुनिक क्रिकेट में जहां तेज रन और आक्रामक बल्लेबाजी का दौर है, वहां इस तरह के रिकॉर्ड और भी खास हो जाते हैं। यही वजह है कि टेस्ट क्रिकेट के पांचों दिन बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी आज भी क्रिकेट इतिहास में अलग पहचान रखते हैं।