थाईलैंड घूमने का सपना देखने वाले भारतीय पर्यटकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। थाईलैंड सरकार ने भारतीयों समेत 93 देशों के लिए लागू 60 दिनों की वीजा-फ्री एंट्री सुविधा खत्म कर दी है। इस फैसले के बाद अब भारतीय यात्रियों के लिए वहां जाना पहले जितना आसान नहीं रहेगा। सरकार ने इस बदलाव को सुरक्षा और अवैध गतिविधियों से जोड़कर देखा है।
अब ऐसे मिलेगी एंट्री
नए नियम लागू होने के बाद भारतीय नागरिकों को अब Visa on Arrival के जरिए थाईलैंड में प्रवेश लेना होगा। यानी यात्रियों को एयरपोर्ट या निर्धारित इमिग्रेशन केंद्र पर जरूरी दस्तावेज जमा कर वीजा लेना पड़ेगा। इस व्यवस्था के तहत भारतीय पर्यटक अब सिर्फ 15 दिनों तक ही थाईलैंड में रह सकेंगे। पहले यह अवधि काफी ज्यादा थी और लोगों को लंबी छुट्टियां बिताने की सुविधा मिलती थी।
पहले क्या था नियम
पुराने नियमों के अनुसार भारतीय नागरिकों को थाईलैंड में 60 दिनों तक बिना वीजा रहने की सुविधा मिलती थी। इसके अलावा जरूरत पड़ने पर इस अवधि को 30 दिन और बढ़ाया जा सकता था। इसी वजह से बड़ी संख्या में भारतीय पर्यटक लंबी छुट्टियों और पर्यटन के लिए थाईलैंड का रुख करते थे। आसान नियमों ने इसे भारतीयों की पसंदीदा जगह बना दिया था।
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सरकार ने क्यों लिया फैसला
थाईलैंड सरकार ने शुरुआत में इस योजना को पर्यटन और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया था। लेकिन बाद में कई रिपोर्ट्स सामने आईं जिनमें दावा किया गया कि कुछ लोग लंबे समय तक रुककर अवैध कामों में शामिल हो रहे थे। गैरकानूनी रोजगार, फर्जी कारोबार और ट्रांसनेशनल अपराधों को लेकर सरकार की चिंता बढ़ गई थी। इसी के बाद नियमों में बदलाव का फैसला लिया गया।
नई नीति भी हुई लागू
थाईलैंड सरकार अब “एक देश, एक वीजा” नीति पर काम कर रही है। इसके तहत हर देश को केवल एक तरह की वीजा सुविधा मिलेगी। सरकार ने कई देशों की वीजा श्रेणियों में बदलाव किया है। अब सिर्फ 54 देशों को 30 दिन की वीजा-फ्री सुविधा दी जाएगी जबकि भारत जैसे देशों को Visa on Arrival श्रेणी में रखा गया है।
यात्रियों को करनी होगी तैयारी
नए नियमों से सबसे ज्यादा असर उन भारतीय पर्यटकों पर पड़ेगा जो लंबी छुट्टियां बिताने की योजना बनाते हैं। हालांकि जो लोग पहले से थाईलैंड में मौजूद हैं, उन पर तुरंत कोई असर नहीं पड़ेगा। लेकिन आने वाले समय में यात्रियों को पहले से ज्यादा दस्तावेज और योजना बनाकर यात्रा करनी होगी। इससे यात्रा प्रक्रिया पहले के मुकाबले थोड़ी कठिन जरूर हो सकती है।