Kejriwal targeting the BJP: दिल्ली विधानसभा परिसर में कथित फांसी घर को लेकर चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री Arvind Kejriwal ने इस मुद्दे पर बीजेपी सरकार की आलोचना की। विशेषाधिकार समिति के सामने पेश होने के बाद उन्होंने कहा कि इस स्थान को “टिफिन रूम” बताना स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है। उनके अनुसार यह जगह ऐतिहासिक महत्व रखती है और इसे लेकर तथ्यों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
फांसी घर का दावा
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली विधानसभा की इमारत ब्रिटिश शासन के दौरान बनाई गई थी, जब राजधानी कोलकाता से दिल्ली लाई गई थी। उनके मुताबिक वर्ष 2022 में उस समय के विधानसभा स्पीकर Ram Niwas Goel ने उन्हें बताया था कि परिसर के एक हिस्से में पहले फांसी घर मौजूद था, जहां स्वतंत्रता सेनानियों को दंड दिया जाता था।
प्रेरणा का उद्देश्य
उन्होंने बताया कि उस समय इस स्थान को आम लोगों के लिए खोलने का फैसला किया गया था ताकि लोग इतिहास से प्रेरणा ले सकें। इसी सोच के साथ इसका उद्घाटन भी किया गया था। केजरीवाल का कहना है कि उस समय उपलब्ध जानकारी और जांच के आधार पर ही यह कदम उठाया गया था।
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सरकार पर सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर मौजूदा सरकार इस जगह को टिफिन रूम बता रही है तो उसे इसके प्रमाण भी पेश करने चाहिए। उनके अनुसार अब तक ऐसा कोई ठोस सबूत सामने नहीं आया है जिससे यह साबित हो सके कि वह स्थान वास्तव में भोजन कक्ष था।
सम्मान का मुद्दा
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इस मामले को जानबूझकर राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उनका कहना है कि ऐतिहासिक तथ्यों को लेकर विवाद खड़ा करना स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति के साथ न्याय नहीं है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर गंभीरता से विचार होना चाहिए और इतिहास को सही तरीके से सामने लाना जरूरी है।