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Airport in Meerut: मेरठ में हवाई पट्टी के विस्तार की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार ने दावा किया है कि प्रथम चरण में 72 सीटर विमान उड़ाने के लिए आवश्यक भूमि का इंतजाम कर लिया गया है. लंबे समय से अटकी 46.53 एकड़ जमीन के स्वामित्व का मामला अब सुलझा लिया गया है. मेरठ विकास प्राधिकरण को 6.69 करोड़ रुपये का बकाया भुगतान कर दिया गया है और अब यह जमीन नागरिक उड्डयन विभाग के नाम दर्ज की जा रही है. एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने अतिरिक्त 96.14 एकड़ भूमि की मांग की थी, जिसमें से 75 एकड़ भूमि विभाग के कब्जे में है, जबकि शेष पर किसानों के साथ विवाद अदालत में विचाराधीन है.
पहले चरण में उड़ान की तैयारी
AAI के अनुसार, पहले चरण में हवाई पट्टी को 72 सीटर विमान संचालन के अनुकूल बनाने के लिए 96.14 एकड़ भूमि की आवश्यकता है. मौजूदा समय में विभाग के पास 75 एकड़ भूमि उपलब्ध है, जो जरूरत से करीब 20 एकड़ कम है. इसके अलावा, इस भूमि में बिजली की लाइनें और अन्य अवरोध भी मौजूद हैं, जिन्हें मास्टर प्लान के तहत हटाया जाना है. वर्तमान हवाई पट्टी 1,470 मीटर लंबी और 23 मीटर चौड़ी है, जबकि लंबाई को 2,700 से 3,000 मीटर तक बढ़ाने की योजना है.
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आगे के चरणों की योजना
दूसरे और तीसरे चरण के विस्तार के लिए क्रमशः 300 एकड़ और 200 एकड़ अतिरिक्त भूमि की मांग की गई है. नवंबर 2023 में तत्कालीन डीएम ने दावा किया था कि दूसरे चरण के लिए आवश्यक 206 हेक्टेयर भूमि में से 129 हेक्टेयर पर किसानों से सहमति पत्र प्राप्त कर लिए गए हैं. शेष भूमि मेरठ विकास प्राधिकरण, नगर निगम और अन्य विभागों की है, जिसके पुनर्ग्रहण की कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन का दावा है कि उपलब्ध भूमि फिलहाल 72 सीटर विमान उड़ाने के लिए पर्याप्त है, जिससे मेरठ का कनेक्टिविटी नेटवर्क मजबूत होगा और क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी.