Before Sydney Aattack: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बोंडी बीच में हुए आतंकी हमले के बाद कई चौंकाने वाले संकेत सामने आए हैं। इस हमले में 15 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। अब कहा जा रहा है कि यह हमला अचानक नहीं था, बल्कि इसके संकेत पहले ही दिखाई देने लगे थे। गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्ध शुरू होने के कुछ समय बाद सिडनी के यहूदी बहुल इलाकों में स्थित एक यहूदी बेकरी के सामने लाल रंग का उल्टा त्रिकोण बनाया गया था। यह निशान बाद में यहूदी विरोधी गतिविधियों और हिंसा से जुड़ता नजर आया, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई।
यहूदी विरोध और हमास से जुड़ा प्रतीक
लाल रंग का उल्टा त्रिकोण हाल के वर्षों में हमास से जुड़े कई वीडियो, पोस्टर और ऑनलाइन चैनलों में दिखाई देता रहा है। इसका इस्तेमाल कथित तौर पर इजरायली ठिकानों या लक्ष्यों को चिन्हित करने के लिए किया जाता रहा है। सिडनी में यह निशान यहूदी प्रतिष्ठानों के सामने दिखने के बाद वहां दीवारों पर नफरत भरे नारे, यहूदी संपत्तियों पर हमले और धार्मिक स्थलों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं सामने आईं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रतीक केवल दृश्य चिन्ह नहीं, बल्कि डर और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का जरिया बन चुका है।
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नाजी दौर से जुड़ा इतिहास
इस लाल उल्टे त्रिकोण की जड़ें दूसरे विश्व युद्ध के दौर तक जाती हैं। नाजी जर्मनी में इसका इस्तेमाल कंसन्ट्रेशन कैंपों में राजनीतिक कैदियों की पहचान के लिए किया जाता था। समय के साथ यह चिन्ह विद्रोह और सत्ता विरोध का प्रतीक माना जाने लगा। युद्ध के बाद भले ही कई नाजी प्रतीकों पर प्रतिबंध लगा, लेकिन यह चिन्ह लंबे समय तक कानूनी दायरे में रहा। हाल के वर्षों में, खासकर 2023 के बाद, इसे फिर से चरमपंथी समूहों द्वारा अपनाया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे प्रतीक केवल इतिहास नहीं, बल्कि भविष्य की हिंसा के संकेत भी हो सकते हैं, जिन्हें हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए।