CBSE 2026: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) द्वारा कक्षा 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद देश के शिक्षा जगत में इस वक्त सबसे बड़ा सवाल यही गूंज रहा है कि क्या सीबीएसई को 12वीं की परीक्षा दोबारा करानी पड़ेगी? बोर्ड द्वारा इस साल लागू की गई 'ऑन-स्क्रीन मार्किंग व्यवस्था' की वजह से देश भर के छात्रों और अभिभावकों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। इस नई व्यवस्था में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों की आशंका जताते हुए देश का हर चौथा छात्र अपनी आंसर शीट देखने की मांग कर रहा है।
238 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई
सीबीएसई के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब करीब 4 लाख से अधिक छात्र 11.31 लाख से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन कॉपी और रिचेकिंग के लिए अप्लाई कर चुके हैं। पिछले साल की तुलना में इस बार आवेदनों में 238 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी हुई है। जो सीधे तौर पर सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली पर छात्रों के गहरे अविश्वास को दर्शाता है।
कॉपियां फिर से मैनुअल चेक करने की मांग
परिणाम से अंसतुष्ट छात्रों और अभिभावकों की परेशानी और मूल्यांकन प्रणाली से विश्वास उठना और बोर्ड पर अचानक आया इतना प्रेशर कहीं ये इशारा तो नहीं कि सीबीएसई बोर्ड 12वीं कक्षा की परीक्षा दोबारा कराए। फिलहाल अभी इसे लेकर मांग नहीं उठी है। लेकिन छात्र ग्रेस मार्क्स देने या सारी कॉपियां फिर से मैनुअल चेक करने की मांग जरूर कर रहे हैं।
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वेबसाइट क्रैश, रात-रात भर जाग रहे छात्र
रिचेकिंग प्रोसेस शुरू होने के बाद पिछले कई दिनों में बोर्ड का पोर्टल लगातार दबाव में है। पोर्टल खुलने के शुरुआती 3 घंटे में ही 1.26 लाख से ज्यादा छात्रों के आने से सर्वर पूरी तरह क्रैश हो गया। हजारों छात्रों ने शिकायत की कि वेबसाइट पर बार-बार सर्विस नॉट अवेलेबल का एरर आ रहा है। कई छात्रों को एक पेज खोलने के लिए 8 से 10 बार तक रिफ्रेश करना पड़ रहा है। छात्र और उनके माता-पिता वेबसाइट पर 'सर्विस नॉट अवेलेबल' के एरर के कारण रात-रात भर जागकर आवेदन करने को मजबूर हैं। कई छात्रों के पैसे कटने के बाद भी आवेदन सबमिट नहीं हो पा रहे हैं।
शिक्षा मंत्री ने की समीक्षा बैठक
इस पूरे विवाद को लेकर शिक्षा मंत्री ने आज सीबीएसई मुख्यालय में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक के बाद शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “सीबीएसई ने कक्षा 12वीं की परीक्षाओं के लिए री-इवैल्युशन शुरू कर दी है। इस प्रक्रिया में कुछ विसंगतियां सामने आई हैं और सरकार इसकी जिम्मेदारी स्वीकार करती है। आगे उन्होंने कहा कि सभी समस्याओं को दूर करने के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। छात्र की शिकायत या सवाल को अनसुलझा नहीं छोड़ा जाएगा।