Curd Side Effects: दही को वैसे तो सेहत का खजाना माना जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही 'अमृत' कुछ लोगों के लिए 'जहर' के समान हो सकता है? जी हां, आयुर्वेद और मेडिकल साइंस दोनों ही मानते हैं कि हर किसी के लिए दही का सेवन फायदेमंद नहीं होता है। कुछ लोग ऐसे भी होते हैं, जिनके लिए दही का सेवन हानिकारक माना जाता है। जिससे उनकी सेहत को काफी नुकसान पहुंच सकता है। आइए जानते हैं किन लोगों को दही का सेवन नहीं करना चाहिए।
सांस और अस्थमा के रोगी
दही की तासीर ठंडी होती है और यह शरीर में कफ को बढ़ा सकता है। अगर आपको अस्थमा, साइनस या सांस संबंधी कोई समस्या है, तो दही खाने से जकड़न और सांस लेने में तकलीफ बढ़ सकती है।
जोड़ों के दर्द और गठिया
आयुर्वेद के अनुसार, गठिया या जोड़ों के दर्द से जूझ रहे लोगों के लिए दही का सेवन सूजन और दर्द को बढ़ा सकता है।
स्किन इंफेक्शन और एलर्जी
अगर आपको बार-बार खुजली, एक्जिमा या सोरायसिस जैसी त्वचा संबंधी समस्याएं रहती हैं, तो दही का सेवन सीमित करें। यह शरीर में पित्त और कफ को असंतुलित कर सकता है, जिससे त्वचा की स्थिति बिगड़ सकती है।
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खराब पाचन और एसिडिटी
वैसे तो दही प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है, लेकिन अगर आपका पाचन बहुत कमजोर है या आपको गंभीर एसिडिटी की समस्या है, तो दही इसे और उत्तेजित कर सकता है। खासकर रात के समय दही खाने से पाचन तंत्र सुस्त हो जाता है।
डायबिटीज
डायबिटीज के मरीजों को सादा दही तो ठीक है, लेकिन बाजार में मिलने वाले फ्लेवर्ड या मीठे दही से पूरी तरह बचना चाहिए। इसमें शुगर की मात्रा बहुत अधिक होती है।
सर्दी-जुकाम होने पर
अगर किसी को सर्दी-जुकाम की शिकायत है, तो उसे शाम के बाद दही का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि शाम के बाद दही खाने से जुकाम और बढ़ सकता है। क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है।