Cervical Cancer: सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाला सबसे आम कैंसर है। यह बीमारी गर्भाशय के निचले हिस्से यानी सर्विक्स में शुरू होती है। इस बीमारी के कारण हर साल लाखों महिलाएं अपनी जान गवा देती हैं। अगर समय रहते इसका पता न चले और इलाज न हो, तो यह शरीर के दूसरे हिस्सों में भी फैल सकती है। वैसे तो सर्वाइकल कैंसर के शुरुआती स्टेज में अक्सर इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। लेकिन जैसे-जैसे यह बढ़ता है, शरीर में कई बदलाव दिखने लगते हैं। तो आइए विस्तार से जानते हैं कि सर्वाइकल कैंसर क्या है।
क्या होता है सर्वाइकल कैंसर
आपको बता दें कि सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर है, जो गर्भाशय के निचले हिस्से में विकसित होता है और योनि से जुड़ता है। इस कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण है। यह एक यौन संचारित संक्रमण है, जिसका मतलब है कि यह यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है। हालांकि, हर एचपीवी संक्रमण कैंसर का कारण नहीं बनता। लेकिन कुछ उच्च जोखिम वाले एचपीवी प्रकार यदि शरीर में लंबे समय तक बने रहें, तो वे गर्भाशय ग्रीवा की कोशिकाओं में असामान्य बदलाव ला सकते हैं, जो धीरे-धीरे कैंसर में बदल जाते हैं। आइए जानते हैं सर्वाइकल कैंसर के लक्षण क्या-क्या है।
असामान्य ब्लीडिंग
सेक्स करने के बाद, दो पीरियड्स के बीच के समय में, या मेनोपॉज के बाद वेजाइना से ब्लीडिंग होना इसके मुख्य लक्षणों में से एक है। यह सबसे आम चेतावनी संकेत है।
पीरियड साइकिल में बदलाव
वहीं अगर किसी महिला को पीरियड्स के दौरान सामान्य से ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है या फिर पीरियड्स का सामान्य अवधि से ज्यादा दिनों तक चलना भी सर्वाइकल कैंसर के लक्षण हो सकते हैं।
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असामान्य योनि स्राव
योनि से असामान्य, पानी जैसा, खून से सना हुआ, या दुर्गंध स्राव आना भी सर्वाइकल कैंसर का संकेत हो सकता है।
पेल्विक दर्द
यौन संबंध बनाते वक्त पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में दर्द होना भी सर्वाइकल कैंसर का संकेत हो सकता है।
इसके अलावा शरीर में दिखने वाले सर्वाइकल कैंसर के लक्षण
जब कैंसर आपके शरीर में फैलने लगता है तब पेशाब या शौच के दौरान दर्द, पैरों में सूजन, वजन घटना, भूख न लगना, थकान जैसे लक्षण दिख सकते हैं। यदि आपको इनमें से कोई भी लक्षण लगातार महसूस हो रहे हैं, तो आप तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। समय रहते लक्षणों की पहचान और बचाव के तरीकों को अपनाकर इस बीमारी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।