Are blankets really warm: कंपकंपाती ठंड में ज्यादातर वक्त लोग रजाई-कंबल में ही रहना चाहते हैं। रजाई-कंबल में घुसकर रहने से कुछ ही मिनटों में शरीर को गर्माहट मिलने लगती है। कड़ाके की ठंड में भी गर्मी अहसास करने का आनंद ही अलग है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर हम चादर ओढ़कर सोते हैं, तो ठंड क्यों बनी रहती है। आखिर ऐसा क्या होता है रजाई में, जिसको ओढ़कर सोने से शरीर को गर्माहट पहुंचती है। आखिर ये कहां से गर्मी लाकर हमें देते हैं, इसके जवाब आपको हैरान तो कर ही देंगे।
यही फर्क तापमान के एहसास को बदल देता
आपको बता दें कि रजाई और चादर दोनों ही बिस्तर का हिस्सा हैं, रजाई आमतौर पर मोटी होती है और इसके अंदर रुई, पंख या सिंथेटिक फाइबर भरे होते हैं और चादर पतली होती है, जो कि ज्यादातर सूती से बनी होती है। यही फर्क तापमान के एहसास को बदल देता है। रजाई में घुसते ही गर्मी लगने की सबसे बड़ी वजह है।
गर्मी को आसानी से बाहर नहीं जाने देती
बता दें कि रजाई में घुसते ही गर्मी लगने की सबसे बड़ी वजह है उसमें फंसी हवा, यह हवा ऊष्मा की खराब चालक होती है, यानी यह गर्मी को आसानी से बाहर नहीं जाने देती है। आपके शरीर की गर्मी को बाहर निकलने से रोक देते हैं, ये ऊष्मा के कुचालक के रूप में काम करते हैं, जो ठंडी हवा को अंदर आने और शरीर की गर्मी को बाहर निकलने से रोकते हैं।
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अंदर की हवा को गर्म करने लगती
यही वजह से जब आप कुछ देर में ही कंबल और रजाई के अंदर आते हैं तो गर्म महसूस होने लगते हैं। बता दें, हमारा शरीर लगातार गर्मी उत्सर्जित करता रहता है। यही गर्मी जब रजाई और कंबल ओढ़ने से बाहर नहीं निकल पाती है तो अंदर इस गर्मी से खुद गर्म होने लगती हैं और अंदर की हवा को गर्म करने लगती हैं। रजाई में फिलिंग होने से ये गर्मी लंबे समय तक बनी रहती है।
चादर पतली होती है
चादर में ठंड इसलिए लगती है क्योंकि चादर पतली होती है। जब आप चादर ओढ़ते हैं, तो वह आपकी त्वचा के संपर्क में आते ही शरीर की गर्मी को जल्दी सोख लेती है और फिर उसे आसपास की हवा में छोड़ देती है। जिसकी वजह से ठंड लगने लगती है।