Hindu in Bangladesh: बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं और हाल की घटना ने एक बार फिर अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है। गुरुवार को शरीयतपुर जिले में खोकन चंद्र नामक एक हिंदू व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया गया। बताया जा रहा है कि हमलावरों की भीड़ ने पहले उसे घेरकर बेरहमी से पीटा, फिर चाकुओं से वार किया और अंत में उस पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने की कोशिश की। खोकन चंद्र ने अंतिम क्षणों में पास के एक तालाब में छलांग लगाकर किसी तरह अपनी जान बचाई। हालांकि वह गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना दर्शाती है कि बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा कितनी भयावह स्तर पर पहुंच चुकी है।
दो हफ्तों में तीसरी बड़ी वारदात
यह हमला बीते दो हफ्तों में हिंदू समुदाय के खिलाफ सामने आई तीसरी गंभीर घटना बताई जा रही है। 18 दिसंबर 2025 को दीपू चंद्र दास की एक उग्र भीड़ ने हत्या कर दी थी और बाद में उसके शव को पेड़ से बांधकर जला दिया गया था। उस पर कथित रूप से ईशनिंदा का आरोप लगाया गया था। इसके कुछ ही दिनों बाद, 25 दिसंबर को अमृत मंडल नामक व्यक्ति की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इन घटनाओं ने देश में अल्पसंख्यकों के बीच भय का माहौल पैदा कर दिया है। लगातार हो रही हिंसा से यह सवाल उठ रहा है कि कानून-व्यवस्था और प्रशासन ऐसी घटनाओं को रोकने में क्यों असफल नजर आ रहा है।
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सरकार की सफाई और अंतरराष्ट्रीय चिंता
अमृत मंडल की हत्या के मामले में बांग्लादेशी प्रशासन ने यह कहकर विवाद को शांत करने की कोशिश की कि वह आपराधिक गतिविधियों में शामिल था और उसकी हत्या उगाही के विवाद से जुड़ी थी। हालांकि मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि ऐसी दलीलें वास्तविक मुद्दे से ध्यान भटकाने का प्रयास हैं। उनका मानना है कि लगातार हो रही घटनाएं यह संकेत देती हैं कि धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया जा रहा है। इन मामलों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता जताई जा रही है और बांग्लादेश सरकार से अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की जा रही है। जब तक दोषियों पर सख्त कार्रवाई और भरोसेमंद सुरक्षा व्यवस्था नहीं होती, तब तक यह संकट थमने की संभावना कम ही दिखती है।