भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपने तीन उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। पार्टी ने हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक को उम्मीदवार बनाया है। तीनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने के कुछ ही समय बाद उन्हें राज्यसभा चुनाव का टिकट मिलने से राज्य की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है।
भाजपा में शामिल होने के तुरंत बाद मिला मौका
सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक ने गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सामिक भट्टाचार्य और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में साल्ट लेक स्थित पार्टी कार्यालय में उनका स्वागत किया गया। इस दौरान पार्टी नेतृत्व ने कहा कि तीनों नेताओं का राजनीतिक अनुभव संगठन को और मजबूत बनाने में मदद करेगा।
24 जुलाई को होगा मतदान
राज्यसभा की इन तीन सीटों के लिए उपचुनाव की प्रक्रिया पहले ही घोषित की जा चुकी है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 14 जुलाई है, जबकि 15 जुलाई को नामांकन पत्रों की जांच होगी। इन सीटों पर मतदान और मतगणना 24 जुलाई को एक ही दिन संपन्न होगी।
विधानसभा के संख्या बल पर टिकी नजर
उपचुनाव के नतीजे काफी हद तक विधानसभा के मौजूदा संख्या बल पर निर्भर करेंगे। राजनीतिक दल अपने-अपने विधायकों के समर्थन के आधार पर जीत का दावा कर रहे हैं। विधानसभा में मौजूद आंकड़ों को देखते हुए भाजपा अपने उम्मीदवारों की जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है, जबकि विपक्ष भी चुनावी रणनीति बनाने में जुटा हुआ है।
राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की चर्चा
टीएमसी से तीन वरिष्ठ नेताओं का भाजपा में जाना और उसी दिन उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने को पश्चिम बंगाल की राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फैसले का असर आने वाले समय में राज्य की राजनीतिक रणनीतियों और दलों के भीतर बनने वाले नए समीकरणों पर भी पड़ सकता है। अब सभी की नजर राज्यसभा उपचुनाव के परिणाम और उसके बाद बनने वाले राजनीतिक परिदृश्य पर रहेगी।