Tiger Shroff Firing Case : बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर फायरिंग के मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पृष्ठभूमि से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस की जांच के बीच आरोपियों के परिवारों ने उनकी जिंदगी और कामकाज को लेकर जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोनीपत का रेहान नौवीं कक्षा में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था और अवैध हथियार रखने के मामले में पहले जेल भी जा चुका था। वहीं, दूसरा आरोपी नाबालिग है, जो अपने पिता के मुताबिक पत्थर और टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था। तीसरे आरोपी के बारे में बताया गया है कि वह बिहार का रहने वाला है और मुंबई में रैपिडो चलाता था।
रेहान की जिंदगी में आया बदलाव
हरियाणा के सोनीपत जिले के देवरू गांव का रहने वाला रेहान नौवीं कक्षा में फेल होने के बाद पढ़ाई छोड़ चुका था। परिवार के मुताबिक, इसके बाद उसने काम की तलाश शुरू की। परिजनों ने बताया कि वह पहले अवैध हथियार रखने के मामले में जेल जा चुका था। जेल से बाहर आने के बाद उसने वेल्डिंग का काम करना शुरू कर दिया था। परिवार को यही जानकारी थी कि वह मेहनत-मजदूरी करके अपना जीवन चला रहा है।
परिवार को नहीं थी भनक
रेहान अपनी मां समसिदा और छोटे भाई के साथ अपने मामा के घर रहता था। उसकी मां एक निजी कंपनी में काम करती हैं। परिवार के मुताबिक, रेहान करीब 12 साल पहले अपने पिता से अलग हो गया था। उसकी मौसी अफसाना ने बताया कि वह बकरीद पर घर आया था और त्योहार मनाने के बाद काम पर जाने की बात कहकर निकल गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें अंदाजा नहीं था कि वह इतने गंभीर मामले में गिरफ्तार हो सकता है।
नाबालिग आरोपी सीख रहा था काम
मामले में गिरफ्तार दूसरा आरोपी भी सोनीपत का रहने वाला है और नाबालिग है। उसके पिता के मुताबिक, बेटा गोहाना में पत्थर और टाइल्स लगाने का काम सीख रहा था। वह 13 तारीख को घर आया था, लेकिन उसके बाद कहां गया, इसकी जानकारी परिवार को नहीं थी। पिता खुद दिव्यांग हैं और ईंट तोड़कर मजदूरी करते हैं। बेटे का नाम फायरिंग के मामले में आने से परिवार सदमे में है। पिता ने आशंका जताई कि कहीं उसे बहला-फुसलाकर इस मामले में तो नहीं लाया गया।
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तीसरे आरोपी की भी जांच
इस मामले में गिरफ्तार तीसरे आरोपी को बिहार का रहने वाला बताया गया है, जो मुंबई में रैपिडो चलाता था। तीनों आरोपियों की पृष्ठभूमि अलग-अलग होने के कारण पुलिस की जांच में उनके संपर्कों, कथित भूमिकाओं और घटना से पहले की गतिविधियों का पता लगाना अहम होगा। फिलहाल, आरोपियों के परिवारों की ओर से दी गई जानकारी को जांच के निष्कर्षों से अलग समझना जरूरी है।
फायरिंग के पीछे कौन
टाइगर श्रॉफ से जुड़े फायरिंग मामले में पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि आरोपियों की कथित भूमिका क्या थी और उन्हें किसने निर्देश दिए थे। जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि क्या घटना के पीछे कोई अन्य व्यक्ति या संगठित नेटवर्क शामिल था। आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद मामले से जुड़े सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।