
अगर आप सिगरेट, हुक्का या किसी भी तरह के तंबाकू उत्पाद का इस्तेमाल करते हैं तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. केंद्र सरकार तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने की तैयारी कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीएसटी 2.0 सुधार योजना के तहत तंबाकू और इससे जुड़े उत्पादों पर 40% जीएसटी लगाने का प्रस्ताव किया गया है. इसके साथ ही कुछ और टैक्स भी जोड़े जा सकते हैं. सरकार का मकसद तंबाकू से मिलने वाले राजस्व को बरकरार रखना और लोगों के स्वास्थ्य पर इसके नकारात्मक असर को कम करना है.
अभी कितना टैक्स लगता है?
फिलहाल सिगरेट, सिगार, पान मसाला और हुक्का जैसे तंबाकू उत्पादों पर 28% जीएसटी लगता है. इसके अलावा मुआवजा उपकर, केंद्रीय उत्पाद शुल्क और राष्ट्रीय आपदा शुल्क जैसे अतिरिक्त टैक्स भी लगाए जाते हैं. यही वजह है कि ये उत्पाद “सिन गुड्स” यानी विलासिता और स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाली वस्तुओं की कैटेगरी में आते हैं. अगर प्रस्ताव लागू हुआ तो टैक्स की दर 28% से बढ़कर 40% हो जाएगी. उदाहरण के लिए – फिलहाल एक पैकेट सिगरेट की कीमत करीब 256 रुपये है. नए टैक्स लागू होने के बाद इसकी कीमत लगभग 280 रुपये हो सकती है. यानी आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा.
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राज्यों की भी मांग
राज्य सरकारें चाहती हैं कि इस टैक्स से मिलने वाले अतिरिक्त पैसे में उनका भी हिस्सा बढ़ाया जाए. कई राज्यों का कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद उनके टैक्स कलेक्शन में कमी आई है, इसलिए तंबाकू पर लगने वाले टैक्स से उन्हें ज्यादा राजस्व मिलना चाहिए. कुछ राज्यों ने तो यह सुझाव भी दिया है कि तंबाकू पर टैक्स उसी तरह लगाया जाए जैसे शराब पर लगता है. यानी केंद्र और राज्य दोनों का अपना-अपना उत्पाद शुल्क हो.
क्यों बढ़ाया जा रहा है टैक्स?
भारत में तंबाकू उत्पाद दुनियाभर की तुलना में काफी सस्ते हैं. यही कारण है कि यहां बड़ी संख्या में लोग सिगरेट, बीड़ी, हुक्का और पान मसाला का सेवन करते हैं. एक रिपोर्ट में बताया गया कि तंबाकू की कम कीमत इसकी खपत को लगातार बढ़ा रही है. संसद की एक समिति ने भी अपनी रिपोर्ट में सिफारिश की थी कि तंबाकू पर टैक्स बढ़ाया जाना चाहिए. इससे दो फायदे होंगे—
1. तंबाकू महंगा होने से लोग इसका कम इस्तेमाल करेंगे, जिससे स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर पड़ेगा.
2. सरकार को तंबाकू उत्पादों से ज्यादा राजस्व मिलेगा.
सरकार की बढ़ेगी आमदनी
तंबाकू सरकार के लिए कमाई का बड़ा स्रोत है. वित्त वर्ष 2022-23 में केंद्र सरकार को सिर्फ तंबाकू उत्पादों की बिक्री से करीब 72,788 करोड़ रुपये की आमदनी हुई थी. यही वजह है कि सरकार इसे नजरअंदाज नहीं कर सकती. लेकिन साथ ही वह स्वास्थ्य को भी ध्यान में रखकर ज्यादा टैक्स लगाने का प्लान बना रही है. बता दें कि अगर सरकार का यह प्रस्ताव लागू होता है तो आने वाले समय में सिगरेट, हुक्का और पान मसाला जैसे सभी तंबाकू उत्पाद महंगे हो जाएंगे. इसका असर सीधे तौर पर उन लोगों पर पड़ेगा जो इनका सेवन करते हैं. हालांकि, सरकार का मानना है कि इससे लोगों का स्वास्थ्य बेहतर होगा और टैक्स चोरी भी रुकेगी.