लोकसभा में बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने तंबाकू उत्पादों पर लगाए गए नए शुल्क को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट जवाब दिया. उन्होंने कहा कि सरकार ने कोई नया सेस लागू नहीं किया है, बल्कि तंबाकू उत्पादों पर पहले से मौजूद एक्साइज ड्यूटी में संशोधन किया गया है. उन्होंने बताया कि यह कोई नया कानून नहीं, बल्कि पुरानी व्यवस्था का ही हिस्सा है और इसकी पूरी राशि राज्यों के साथ साझा की जाएगी. उनके अनुसार केंद्र सरकार हमेशा राज्यों के हितों को प्राथमिकता देती है और किसी भी राज्य को फाइनेंस कमीशन द्वारा निर्धारित हिस्से से कम धन नहीं दिया जाता.
आरोपों पर वित्त मंत्री की सीधी सफाई
कुछ सांसदों द्वारा यह दावा किया गया था कि केंद्र सरकार जीएसटी कंपनसेशन सेस का इस्तेमाल अपना कर्ज चुकाने में कर रही है, लेकिन सीतारमण ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि कंपनसेशन सेस सिर्फ पांच साल की अवधि के लिए बनाया गया था और इसका उद्देश्य राज्यों को नुकसान की भरपाई करना था. कोविड-19 के दौरान लिए गए कर्ज को चुकाने के लिए भी इसी राशि का इस्तेमाल किया गया. उन्होंने जोर देकर कहा कि सेस राज्यों के हित को ध्यान में रखकर जीएसटी काउंसिल की मंजूरी से ही एकत्र किया गया था.
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तंबाकू और सिगरेट पर नए रेट क्यों जरूरी?
सेंट्रल एक्साइज एक्ट में संशोधन के तहत सिगरेट की विभिन्न कैटेगरी पर प्रति 1,000 स्टिक 2,700 से 11,000 रुपये तक एक्साइज ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव है. इसके अलावा तंबाकू के अलग-अलग उपयोगों पर प्रति किलो 60%–70% और चबाने वाले तंबाकू पर 100% लेवी का प्रस्ताव रखा गया है. सीतारमण ने बताया कि जीएसटी लागू होने के बाद से सिगरेट पर लगने वाली सेस की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जबकि WHO के आंकड़ों के अनुसार तंबाकू की खरीद आम लोगों के लिए पहले की तुलना में अधिक सुलभ होती जा रही है.
फरवरी से लागू होंगी नई शर्तें
वित्त मंत्री ने बताया कि आने वाले समय में तंबाकू उत्पादों पर पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नए नियम लागू होंगे. फरवरी से पान मसाला के हर पैकेट पर खुदरा बिक्री कीमत और अन्य अनिवार्य विवरण स्पष्ट रूप से लिखना अनिवार्य होगा. सरकार का मानना है कि टैक्स बढ़ाने का मकसद लोगों को तंबाकू सेवन से दूर रखना है. आठ साल से रेट में बदलाव न होने के कारण अब सुधार आवश्यक माना गया है. संसद में ध्वनि मत से यह बिल पास होने के बाद तंबाकू उत्पादों पर सख्ती और बढ़ने जा रही है.