मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के संकट के बीच अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों से मदद मांगी थी। अमेरिका चाहता था कि जर्मनी, जापान, ऑस्ट्रेलिया और स्पेन जैसे देश अपने युद्धपोत भेजें। लेकिन कई देशों ने साफ मना कर दिया, जबकि कुछ ने कोई जवाब ही नहीं दिया। इससे अमेरिका की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए और हालात और ज्यादा संवेदनशील बन गए।
ट्रंप ने दिखाया सख्त रुख और नाराजगी
सहयोगियों के इनकार के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका को किसी की जरूरत नहीं है और वह अकेले इस स्थिति को संभाल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका दुनिया का सबसे ताकतवर देश है और उसकी सेना सबसे मजबूत है। एक्सपर्ट मानते हैं कि यह बयान सहयोगियों पर दबाव बनाने की कोशिश भी हो सकता है।
नाटो को लेकर भी जताई नाराजगी
ट्रंप ने नाटो देशों के रवैये पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका को जरूरत होती है, तब सहयोगी देश पीछे हट जाते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तरह का व्यवहार भविष्य में नाटो के लिए अच्छा नहीं होगा। एक्सपर्ट का कहना है कि इस बयान से अमेरिका और उसके सहयोगियों के बीच दूरी और बढ़ सकती है।
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कई बड़े देशों ने क्यों किया इनकार
जर्मनी, स्पेन, इटली, जापान और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों ने साफ कहा कि वे अभी होर्मुज में युद्धपोत भेजने की योजना नहीं बना रहे हैं। जर्मनी ने यह भी कहा कि इस तरह के फैसले के लिए अंतरराष्ट्रीय मंजूरी जरूरी होती है। एक्सपर्ट के अनुसार, ये देश सीधे युद्ध जैसे हालात में शामिल होने से बचना चाहते हैं, ताकि स्थिति और न बिगड़े।
तेल संकट और बढ़ी वैश्विक चिंता
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया की तेल सप्लाई का बड़ा रास्ता है। यहां तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों में तेजी आई है और कई देशों में चिंता बढ़ गई है। एक्सपर्ट मानते हैं कि अगर यह रास्ता लंबे समय तक प्रभावित रहता है, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है और ऊर्जा संकट और गहरा सकता है।
ट्रंप का बयान क्या संकेत देता है
ट्रंप ने कहा कि उनकी अपील का मकसद यह भी था कि यह देखा जाए कि मुश्किल समय में कौन देश अमेरिका के साथ खड़ा होता है। यानी यह एक तरह से सहयोगियों की परीक्षा भी थी। एक्सपर्ट का मानना है कि इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भरोसे और रणनीति दोनों की परीक्षा हो रही है और आने वाले समय में इसका असर और दिख सकता है।