अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि Iran के साथ जारी तनाव जल्द खत्म हो सकता है और इसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिलेगी। ट्रंप के इस बयान के बाद वैश्विक तेल बाजार में हल्की नरमी भी देखने को मिली है, हालांकि ब्रेंट क्रूड अब भी 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है।
ट्रंप का दावा- समझौते के लिए तैयार ईरान
व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान समझौता करने के लिए “बेहद बेताब” है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास तेल का विशाल भंडार है और यदि हालात सामान्य होते हैं तो ग्लोबल मार्केट में सप्लाई बढ़ेगी, जिससे कच्चे तेल की कीमतें तेजी से गिर सकती हैं। ट्रंप ने कहा, “वहां इतना तेल है कि कीमतें धड़ाधड़ गिरेंगी।” उनके मुताबिक आने वाले समय में तेल बाजार में बड़ी राहत देखने को मिल सकती है।
खाड़ी देश करा रहे हैं मध्यस्थता
ट्रंप ने बताया कि Saudi Arabia, Qatar, United Arab Emirates, Kuwait और Bahrain समेत कई खाड़ी देश युद्ध रोकने और समझौता कराने के प्रयास में जुटे हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका भी कूटनीतिक समाधान चाहता है, लेकिन ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
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“हमले से सिर्फ एक घंटा दूर थे”
ट्रंप ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान पर सैन्य कार्रवाई के बेहद करीब पहुंच गया था। उन्होंने कहा कि हमले की तैयारी पूरी हो चुकी थी, लेकिन खाड़ी देशों के नेताओं के फोन आने के बाद फैसला टाल दिया गया। उनके मुताबिक, मध्यस्थ देशों ने भरोसा दिलाया कि तेहरान शांति वार्ता में सकारात्मक रुख दिखा रहा है, जिसके बाद तत्काल हमला रोक दिया गया।
तेल बाजार पर क्या असर?
Crude Oil की कीमतों में हाल के दिनों में तेज उछाल देखने को मिला है। Strait of Hormuz में तनाव और सप्लाई बाधित होने की आशंका ने दुनिया भर में महंगाई का खतरा बढ़ा दिया है। भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश और यूरोप के कई देशों पर इसका असर दिखाई दे रहा है।
हालांकि ट्रंप के बयान के बाद बाजार में थोड़ी नरमी आई है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक पश्चिम एशिया में स्थायी शांति नहीं होती, तब तक तेल की कीमतों में अस्थिरता बनी रह सकती है। विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि क्या वॉशिंगटन और तेहरान वास्तव में किसी शांति समझौते तक पहुंच पाएंगे या नहीं।