अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लगाए गए टैरिफ को अवैध करार दिया है। इस फैसले के बाद ट्रंप नाराज नजर आ रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर कोई देश इस फैसले का फायदा उठाकर अमेरिका के साथ सख्ती दिखाएगा, तो उस पर और ज्यादा टैरिफ लगाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने किसी देश का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणी के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
ट्रंप की सख्त चेतावनी
ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि जो देश सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सहारा लेकर अमेरिका के साथ खेल करना चाहेंगे, उन्हें भारी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे देशों पर पहले से तय टैरिफ से भी ज्यादा बोझ डाला जा सकता है। ट्रंप ने पुराने व्यापारिक समझौतों को लेकर भी नाराजगी जताई और कहा कि कुछ देशों ने लंबे समय तक अमेरिका का फायदा उठाया है।
भारत की ओर इशारा?
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की टिप्पणी भारत की तरफ इशारा हो सकती है। उनकी पोस्ट से कुछ घंटे पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने अमेरिका का दौरा टाल दिया था। यह दौरा हाल में घोषित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए तय था। हालांकि भारतीय अधिकारियों का कहना है कि समझौता रद्द करने की कोई योजना नहीं है और बातचीत आगे भी जारी रहेगी।
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पहले भी उठा चुके हैं सवाल
ट्रंप पहले भी भारत पर सख्त टिप्पणी कर चुके हैं। उन्होंने भारत पर अमेरिका का फायदा उठाने का आरोप लगाया था। कुछ पूर्व राजनयिकों का कहना है कि उनकी हालिया भाषा और समय भारत की ओर संकेत करता है। उनका मानना है कि ट्रंप की नीति में भावनात्मक प्रतिक्रिया भी झलकती है, जिससे व्यापार वार्ता प्रभावित हो सकती है।
दूसरे देशों ने भी रोकी मंजूरी
भारत ही नहीं, यूरोपियन यूनियन ने भी अमेरिका के साथ व्यापार समझौते को मंजूरी देने में देरी की है। इससे ट्रंप प्रशासन पर दबाव बढ़ा है। जानकारों का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अमेरिका की बातचीत की ताकत कुछ कमजोर हुई है, जिससे दूसरे देशों को नए सिरे से शर्तें तय करने का मौका मिल सकता है।
मोलभाव की नई स्थिति
ट्रंप पहले भारत पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगा चुके थे, जिसे बाद में घटाकर 18 प्रतिशत किया गया। अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत फिर से बेहतर शर्तों पर बातचीत कर सकता है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि अमेरिका और भारत के बीच व्यापार वार्ता किस दिशा में जाती है और टैरिफ का मुद्दा कितना गंभीर रूप लेता है।