अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के जेनेरिक दवाओं पर चरणबद्ध टैरिफ लगाने के प्रस्ताव का असर भारतीय शेयर बाजार में भी देखने को मिला। कारोबार शुरू होते ही निफ्टी फार्मा इंडेक्स करीब 1.32% गिर गया और इसमें शामिल सभी 19 फार्मा शेयर लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए।
इन कंपनियों के शेयर सबसे ज्यादा गिरे
सबसे ज्यादा गिरावट ग्लैंड फार्मा के शेयर में करीब 4.75% दर्ज की गई। इसके बाद पीरामल फार्मा, ल्यूपिन, अरबिंदो फार्मा और ग्लेनमार्क के शेयरों में भी तेज गिरावट देखने को मिली। वहीं, कीमत के हिसाब से एबॉट इंडिया के शेयर में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज हुई, जबकि डिविस लैब्स में सबसे कम असर देखने को मिला।
क्या है ट्रंप का टैरिफ प्लान?
ट्रंप के प्रस्ताव के अनुसार, अमेरिका में आयात होने वाली जेनेरिक दवाओं पर पहले दो साल तक कोई टैरिफ नहीं लगेगा। इसके बाद एक साल के लिए 100% टैरिफ लगाया जाएगा और फिर इसे बढ़ाकर 200% कर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य विदेशी कंपनियों को अमेरिका में ही मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए प्रोत्साहित करना बताया गया है।
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भारतीय कंपनियों के लिए क्यों अहम है फैसला?
भारत दुनिया के सबसे बड़े जेनेरिक दवा निर्यातकों में शामिल है और अमेरिका उसका सबसे बड़ा बाजार है। ऐसे में भविष्य में ऊंचे टैरिफ लागू होने पर भारतीय कंपनियों की लागत बढ़ सकती है और अमेरिकी बाजार में उनकी प्रतिस्पर्धा प्रभावित हो सकती है। इससे कंपनियों के मुनाफे और निर्यात पर भी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
फिलहाल मिली है दो साल की राहत
हालांकि प्रस्ताव के तहत अगले दो साल तक टैरिफ नहीं लगाया जाएगा, इसलिए भारतीय कंपनियों को अपनी कारोबारी रणनीति और निवेश योजनाओं की समीक्षा करने का समय मिलेगा। इस दौरान कई कंपनियां अमेरिका में उत्पादन बढ़ाने या स्थानीय साझेदारों के साथ काम करने जैसे विकल्पों पर विचार कर सकती हैं।
बाजार की नजर अगले फैसलों पर
फिलहाल निवेशकों की नजर इस बात पर है कि यह प्रस्ताव किस रूप में लागू होता है और भारतीय दवा कंपनियां इसके लिए क्या रणनीति अपनाती हैं। आने वाले समय में अमेरिका की व्यापार नीति और भारतीय फार्मा कंपनियों के फैसले इस सेक्टर की दिशा तय करेंगे।