अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने तीखे बयानों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उनका निशाना अमेरिका का बड़ा बैंक जेपी मॉर्गन चेस और उसके सीईओ जेमी डिमन बने हैं। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि वह बैंक के खिलाफ मुकदमा करेंगे। उनका आरोप है कि 6 जनवरी 2021 को कैपिटल हिल में हुए दंगों के बाद बैंक ने उनके साथ गलत व्यवहार किया और उनकी वित्तीय सेवाओं पर रोक लगा दी।
ट्रुथ सोशल पोस्ट से बढ़ा विवाद
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि वह अगले दो हफ्तों में जेपी मॉर्गन चेस के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू करेंगे। ट्रंप का कहना है कि बैंक ने जानबूझकर उन्हें डीबैंक किया यानी बैंकिंग सेवाओं से बाहर कर दिया। उन्होंने इसे अनुचित और राजनीतिक बदले की कार्रवाई बताया। इस पोस्ट के बाद अमेरिका के राजनीतिक और कारोबारी गलियारों में हलचल मच गई।
वॉल स्ट्रीट जर्नल रिपोर्ट पर भड़के ट्रंप
इस पूरे विवाद को और हवा तब मिली जब वॉल स्ट्रीट जर्नल में एक रिपोर्ट छपी। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि ट्रंप ने जेमी डिमन को फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष पद की पेशकश की थी। ट्रंप ने इस दावे को पूरी तरह गलत बताया और कहा कि ऐसी कोई बात कभी नहीं हुई। बाद में डिमन ने भी कहा कि उन्हें कोई ऑफर नहीं मिला और मौजूदा आर्थिक नेतृत्व बेहतर काम कर रहा है।
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बड़े बैंकों पर पुराने आरोप दोहराए
ट्रंप पहले भी कई बार आरोप लगा चुके हैं कि 6 जनवरी की घटना के बाद जेपी मॉर्गन चेस और बैंक ऑफ अमेरिका जैसे बड़े बैंकों ने उनके खाते सीमित कर दिए या लेनदेन रोक दिया। हालांकि इन बैंकों ने हमेशा इन आरोपों को खारिज किया है। ट्रंप की ओर से अब तक कोई ठोस सबूत भी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन वह लगातार इस मुद्दे को उठा रहे हैं।
जेपी मॉर्गन की सफाई
जेपी मॉर्गन चेस की प्रवक्ता ट्रिश वेक्सलर ने ट्रंप के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि बैंक किसी भी ग्राहक के साथ राजनीतिक या धार्मिक आधार पर भेदभाव नहीं करता। उन्होंने कहा कि बैंक करोड़ों अमेरिकियों को सेवाएं देता है और राजनीतिक कारणों से किसी का खाता बंद नहीं किया जाता। साथ ही उन्होंने सरकार के उस कदम का समर्थन किया जो राजनीतिक बैंकिंग बंद करने से जुड़ी चिंताओं को दूर करता है।
फेड और ट्रंप की तनातनी भी वजह
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब ट्रंप और अमेरिका की आर्थिक संस्थाओं के बीच तनाव बढ़ रहा है। हाल ही में जेमी डिमन ने चेतावनी दी थी कि फेडरल रिजर्व पर राजनीतिक दबाव सही नहीं है। इसके जवाब में ट्रंप ने फेड प्रमुख पर सवाल उठाए और उनके फैसलों की आलोचना की। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह टकराव और तेज हो सकता है।