जोसेफ विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम ने तमिलनाडु चुनाव में शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटें जीत ली हैं। हालांकि सरकार बनाने के लिए पार्टी को अभी 118 विधायकों के समर्थन की जरूरत है। इसी वजह से चुनाव परिणाम आने के तुरंत बाद राज्य में रिजॉर्ट पॉलिटिक्स शुरू हो गई है। टीवीके ने अपने सभी नवनिर्वाचित विधायकों को महाबलीपुरम के चेंगलपट्टू स्थित एक होटल में ठहराया है ताकि सभी विधायक एकजुट बने रहें।
खरीद-फरोख्त रोकने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक पार्टी नेतृत्व को डर है कि सरकार गठन से पहले दूसरी पार्टियां विधायकों से संपर्क कर सकती हैं। इसी वजह से सभी विधायकों को कड़ी सुरक्षा के बीच रिजॉर्ट में रखा गया है। वहां बाहरी लोगों की एंट्री पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है। बताया जा रहा है कि यह कदम संभावित खरीद-फरोख्त को रोकने के लिए उठाया गया है। पार्टी चाहती है कि बहुमत साबित होने तक कोई भी विधायक दूसरी राजनीतिक गतिविधियों में शामिल न हो सके।
विजय चुने गए विधायक दल के नेता
मंगलवार को टीवीके के सभी नवनिर्वाचित विधायकों की बैठक हुई, जिसमें जोसेफ विजय को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। इसके बाद विजय ने राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर को पत्र लिखकर मिलने का समय मांगा है। उन्होंने सदन में बहुमत साबित करने का मौका देने का अनुरोध भी किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विजय 7 मई को मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले सकते हैं।
कांग्रेस समेत कई दलों से बातचीत
टीवीके अब बहुमत जुटाने के लिए कांग्रेस और अन्य दलों के साथ बातचीत कर रही है। कांग्रेस के पास पांच सीटें हैं जबकि वीसीके, सीपीआई और सीपीआईएम के पास भी कुछ विधायक हैं। अगर ये सभी दल साथ आते हैं तो टीवीके बहुमत के आंकड़े तक पहुंच सकती है। सूत्रों के अनुसार गठबंधन बनने की स्थिति में कांग्रेस को दो मंत्रालय दिए जा सकते हैं, जबकि छोटे दलों को एक-एक मंत्रालय मिलने की संभावना है। पार्टी अपने सहयोगियों को चार से छह मंत्री पद देने पर विचार कर रही है।
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तमिलनाडु की राजनीति में बढ़ी हलचल
तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों के लिए 23 अप्रैल को मतदान हुआ था और 4 मई को नतीजे सामने आए। अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी का सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरना राज्य की राजनीति का सबसे बड़ा उलटफेर माना जा रहा है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि क्या विजय बहुमत जुटाकर सरकार बनाने में सफल हो पाएंगे या तमिलनाडु की राजनीति में कोई नया मोड़ देखने को मिलेगा।