UCC Bill Passed in Assam: असम विधानसभा ने भारी हंगामे और विपक्ष के विरोध के बीच समान नागरिक संहिता यानी UCC बिल को पास कर दिया। ‘द यूनिफॉर्म सिविल कोड, असम, 2026 विधेयक’ का उद्देश्य विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे मामलों के लिए एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। इस बिल के पास होने के साथ ही असम, उत्तराखंड और गुजरात के बाद UCC लागू करने वाला तीसरा राज्य बन गया है।
सदन में विपक्ष का जोरदार विरोध
बिल पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने इसे सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की मांग की, लेकिन स्पीकर ने इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया। इसके बाद विपक्षी विधायक सदन के वेल में पहुंच गए और लगातार नारेबाजी करते रहे। वहीं सत्ता पक्ष के सदस्य ‘भारत माता की जय’ और ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते रहे। भारी हंगामे के बीच आखिरकार बिल को ध्वनि मत से पास कर दिया गया।
लिव-इन संबंधों का रजिस्ट्रेशन जरूरी
नए कानून के तहत असम में लिव-इन रिलेशनशिप का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। यदि कोई व्यक्ति लिव-इन संबंध का पंजीकरण नहीं कराता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है। सरकार का कहना है कि इससे सामाजिक और कानूनी पारदर्शिता बढ़ेगी तथा महिलाओं के अधिकारों को मजबूती मिलेगी।
बहुविवाह पर लगेगी रोक
यूसीसी लागू होने के बाद राज्य में बहुविवाह या दो शादी करने पर सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। कानून के मुताबिक ऐसे मामलों में सात साल तक की जेल हो सकती है। सरकार का कहना है कि यह कानून समानता और एकरूपता लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। हालांकि अनुसूचित जनजाति समुदाय को इस कानून के दायरे से बाहर रखा गया है।
विपक्ष ने अधिकारों पर उठाए सवाल
विपक्षी दलों ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि इससे समाज के एक विशेष वर्ग के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। उनका कहना है कि इस तरह के कानून को और व्यापक चर्चा के बाद लागू किया जाना चाहिए था। वहीं सरकार ने दावा किया कि यह कानून राज्य में समान नागरिक व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।