UGC promotion Rules 2026: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने देश भर की यूनिवर्सिटीज में प्रोफेसरों और कर्मचारियों के प्रमोशन को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। इस नई व्यवस्था के तहत सभी विवि में समान अवसर केंद्र बनाएं जाएंगे। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और कर्मचारियों की प्रमोशन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के भेदभाव को रोकना और सभी वर्गों को बराबर अवसर देना है। यह केंद्र यूनिवर्सिटीज की निगरानी के साथ-साथ शिकायतों की जांच और समाधान भी करेगा।
विवि में समान अवसर केंद्र की स्थापना अनिवार्य होगी
यूजीसी की ओर से जारी नई गाइडलाइन के अनुसार अब राज्य और केंद्र के सभी विवि में समान अवसर केंद्र की स्थापना अनिवार्य होगी। केंद्र यह सुनिश्चित करेगा कि शिक्षकों और कर्मचारियों के प्रमोशन जाति, धर्म, लिंग या दिव्यांगता के आधार पर प्रभावित न हो। प्रमोशन की पूरी प्रक्रिया पर केंद्र की निगरानी रहेगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।
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समिति की जाएगी गठित
आपको बता दें कि यूजीसी के निर्देशानुसार, केंद्र के संचालन के लिए एक समिति गठित की जाएगी। जिसके अध्यक्ष विश्वविद्यालय के कुलपति होंगे। समिति में तीन वरिष्ठ प्राध्यापक, जिला प्रशासन के एक अधिकारी, पुलिस प्रतिनिधि और स्थानीय गणमान्य नागरिक शामिल किए जाएंगे। समिति के सदस्यों का कार्यकाल दो वर्ष का होगा, जबकि विशेष आमंत्रित सदस्यों का कार्यकाल एक वर्ष निर्धारित किया गया है।
ऑनलाइन आवेदन की सुविधा
वहीं, अगर किसी शिक्षक या कर्मचारी को लगता है कि प्रमोशन में उनके साथ भेदभाव हुआ है तो केंद्र इस मामले में विधिक सेवा को भी शामिल कर सकता है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा और एक हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किया जाएगा। कानूनी पहलुओं की जांच में विधिक सेवा की भूमिका अहम होगी। जांच समिति में कुलपति, शिक्षक प्रतिनिधि, दो छात्र, एक पिछड़ा वर्ग और एक दिव्यांग सदस्य को शामिल करना अनिवार्य किया गया है।