Ultraviolette EV Plant : तमिलनाडु में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। बेंगलुरु की इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Ultraviolette ने राज्य में करीब ₹800 करोड़ निवेश का ऐलान किया है। कंपनी होसुर-शूलागिरी क्षेत्र में नया विनिर्माण संयंत्र स्थापित करेगी, जिससे तमिलनाडु को ईवी हब बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम माना जा रहा है।
हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
कंपनी के मुताबिक इस परियोजना से 2000 से 3000 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा पुर्जे बनाने वाली इकाइयों, परिवहन, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहयोगी उद्योगों के माध्यम से हजारों अप्रत्यक्ष रोजगार भी सृजित होने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश का फायदा आसपास के जिलों के युवाओं को भी मिलेगा।
सालाना 5 लाख वाहनों का लक्ष्य
होसुर में बनने वाले संयंत्र की शुरुआती उत्पादन क्षमता 2.5 लाख वाहन प्रतिवर्ष होगी। भविष्य में मांग बढ़ने पर इसे बढ़ाकर 5 लाख वाहन सालाना तक किया जा सकेगा। कंपनी का कहना है कि देश और विदेश में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बढ़ती मांग को देखते हुए उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी की जा रही है।
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बाइक के साथ स्कूटर पर भी फोकस
Ultraviolette अब केवल इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल तक सीमित नहीं रहना चाहती। कंपनी स्कूटर बाजार में भी तेजी से विस्तार की योजना बना रही है। आने वाले 24 महीनों में कई नए मॉडल लॉन्च किए जाएंगे। कंपनी का अनुमान है कि भविष्य में कुल बिक्री में स्कूटरों की हिस्सेदारी करीब 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
निर्यात का भी बनेगा बड़ा केंद्र
नया संयंत्र केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं रहेगा। कंपनी इसे निर्यात केंद्र के रूप में भी विकसित करना चाहती है। फिलहाल उसके उत्पाद यूरोप के कई देशों में बिक रहे हैं। आने वाले वर्षों में कुल उत्पादन का 25 प्रतिशत तक हिस्सा विदेशी बाजारों में भेजने की योजना है। इससे भारत के ईवी निर्यात को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
तमिलनाडु को मिलेगा बड़ा फायदा
राज्य सरकार लगातार इलेक्ट्रिक वाहन और उन्नत विनिर्माण क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। ऐसे में Ultraviolette का यह निवेश तमिलनाडु के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। उद्योग जगत का मानना है कि नए संयंत्र, रोजगार सृजन और निर्यात बढ़ने से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और तमिलनाडु देश के प्रमुख ईवी विनिर्माण केंद्रों में अपनी स्थिति और मजबूत कर सकेगा।