उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मानदेय बढ़ाने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जब आंगनबाड़ी केंद्र स्मार्ट बन रहे हैं, तो वहां काम करने वालों को भी सम्मानजनक वेतन मिलना चाहिए और इसके लिए विभाग से प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।
कितना बढ़ सकता है मानदेय
प्रदेश में करीब 1.89 लाख आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और 1.39 लाख सहायिकाएं काम कर रही हैं। अभी कार्यकर्ताओं को 8000 रुपये और सहायिकाओं को 4000 रुपये मिलते हैं। सूत्रों के मुताबिक कार्यकर्ताओं का मानदेय 4000 रुपये और सहायिकाओं का 3000 रुपये तक बढ़ाया जा सकता है, जिससे उनकी आय में अच्छा इजाफा होगा।
स्मार्टफोन और उपकरणों का वितरण
सरकार ने आंगनबाड़ी व्यवस्था को डिजिटल बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। करीब 69804 कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को स्मार्टफोन दिए गए हैं। इसके अलावा 2 लाख से ज्यादा ग्रोथ मॉनिटरिंग उपकरण भी वितरित किए गए हैं, ताकि बच्चों और माताओं से जुड़ा डेटा समय पर मिल सके।
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नई इमारतें और योजनाएं
मुख्यमंत्री ने 450 करोड़ रुपये की लागत से 3170 आंगनबाड़ी केंद्र भवन और 140 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों की नई डिजाइन भी लॉन्च की गई, जिससे बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
पुरानी व्यवस्था पर हमला
मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले व्यवस्था में भ्रष्टाचार और शोषण था। अब नई प्रणाली के जरिए पारदर्शिता लाई जा रही है और कर्मचारियों को उनका पूरा हक दिलाने की कोशिश की जा रही है।
नई शिक्षा नीति में बढ़ी जिम्मेदारी
नई शिक्षा नीति के तहत 3 से 5 साल के बच्चों की पढ़ाई अब आंगनबाड़ी केंद्रों में ही होगी। इससे इन केंद्रों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। सरकार का कहना है कि स्वस्थ मां और बच्चा ही देश का मजबूत भविष्य बनाते हैं, इसलिए इस व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।