
उत्तर प्रदेश के मेरठ और शाहजहांपुर जिलों में शुक्रवार की रात और शनिवार को हालात तनावपूर्ण हो गए। मेरठ में अज्ञात लोगों ने छह मज़ारों को क्षतिग्रस्त कर दिया, जबकि शाहजहांपुर में सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट वायरल होने के बाद बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। दोनों जगह पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं और हालात को नियंत्रण में करने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।
मेरठ में छह मज़ारों पर हमला
शुक्रवार देर रात मेरठ जिले में शरारती तत्वों ने छह मज़ारों को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। घटनास्थल पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान की जा रही है और इलाके में लगातार गश्त बढ़ाई गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि किसी भी उपद्रव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
शाहजहांपुर में आपत्तिजनक पोस्ट से बवाल
इसी बीच शाहजहांपुर में भी हालात बिगड़ने की नौबत आ गई। सोशल मीडिया पर पैगंबर और मुस्लिम धार्मिक ग्रंथ को लेकर आपत्तिजनक पोस्ट वायरल होने के बाद लोगों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए पुलिस ने तुरंत मोर्चा संभाला और भीड़ को काबू में किया।
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सुरक्षा बलों की तैनाती और धारा 144 लागू
शाहजहांपुर में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों को भी तैनात कर दिया है। संवेदनशील इलाकों में धारा 144 लागू कर दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की भीड़ न जुट सके। साथ ही, अफवाहों पर रोक लगाने के लिए साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर निगरानी रखी जा रही है और गलत सूचना फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
प्रशासन की अपील
दोनों ही जिलों के प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ किसी भी हाल में नरमी नहीं बरती जाएगी। मेरठ और शाहजहांपुर दोनों जगहों पर फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण जरूर है लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।
साम्प्रदायिक सौहार्द की चुनौती
मेरठ और शाहजहांपुर की ये घटनाएं एक बार फिर साबित करती हैं कि अफवाह और शरारती तत्व कितनी तेजी से माहौल बिगाड़ सकते हैं। प्रशासन के लिए चुनौती है कि वह न केवल दोषियों को पकड़कर सजा दिलाए बल्कि समाज में भरोसा भी बहाल करे। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और हर छोटे-बड़े घटनाक्रम पर पैनी नजर रखी जा रही है।