UP conversion gang youth: उत्तर प्रदेश के आगरा में दो सगी बहनों के धर्मांतरण के मामले ने एक बड़े और संगठित गिरोह के गंदे सच को उजागर कर दिया है. पुलिस ने इस मामले में अब तक 10 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया है. मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान को दिल्ली के ओल्ड मुस्तफाबाद से पकड़ा गया, जिसके घर से रोहतक की एक युवती भी बरामद हुई. यह युवती लंबे समय से बंधक बनाकर रखी गई थी और उसे धीरे-धीरे मानसिक रूप से तैयार कर धर्म परिवर्तन कराया गया.
शादी का झांसा देकर फंसाते थे युवतियां
पुलिस पूछताछ में पीड़ित युवती ने बताया कि जुनैद नाम का युवक उसे फेसबुक पर मिला और भावनात्मक रूप से फंसा लिया. वह निकाह करता, लेकिन शारीरिक संबंध नहीं बनाता ताकि युवती को भरोसा दिलाया जा सके और वह अपने धर्म को छोड़ने के लिए मानसिक रूप से तैयार हो जाए. बाद में उसे शाहीन बाग स्थित एक हॉस्टल में रखा गया जहां अन्य लड़कियों से बात करने की भी अनुमति नहीं थी. वहां उन्हें धर्म विशेष की बातें सिखाई जाती थीं और कहा जाता था कि "कयामत के दिन जन्नत मिलेगी।" बाद में उसका निकाह कराया गया और फिर तलाक देकर बंधक बना लिया गया.
यह भी पढ़ेंःJagdeep Dhankhar: धनखड़ के इस्तीफे से सियासी हलचल तेज, राष्ट्रपति से अचानक मुलाकात के बाद पद छोड़ा
पैसे और नेटवर्क से चलता था धर्मांतरण रैकेट
धर्मांतरण में गोवा की आयशा उर्फ एसबी कृष्णा की भूमिका भी सामने आई है, जो इस नेटवर्क के लोगों को पैसों की मदद करती थी. उससे पूछताछ के बाद अब्दुल रहमान का नाम खुला और पुलिस ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया. सभी गिरफ्तार आरोपी 10 दिन की रिमांड पर हैं. युवती के माता-पिता ने बताया कि बेटी शादी से 12 दिन पहले गायब हो गई थी और संपर्क के सारे माध्यम बंद कर दिए गए थे. अब जब बेटी मिली है, तो परिजन न्याय की मांग कर रहे हैं और युवती भी आरोपियों को सजा दिलवाना चाहती है.