उत्तर प्रदेश के 18 जिलों की अदालतों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद हड़कंप मच गया। यह धमकी ई-मेल के जरिए भेजी गई थी। जैसे ही सूचना मिली, जिला प्रशासन और पुलिस तुरंत अलर्ट हो गए। अदालत परिसरों में कामकाज रोककर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। लोगों में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
इन शहरों की अदालतें निशाने पर
मिली जानकारी के अनुसार लखनऊ, मेरठ, अयोध्या, वाराणसी, आजमगढ़, अमरोहा समेत कुल 18 जिलों की अदालतों को धमकी भेजी गई। ई-मेल में दोपहर 12:15 बजे विस्फोट करने की बात लिखी गई थी। समय तय होने की वजह से प्रशासन ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया और तुरंत कार्रवाई शुरू की।
कोर्ट परिसर खाली कराए गए
धमकी के बाद सभी संबंधित अदालत परिसरों को एहतियात के तौर पर खाली कराया गया। न्यायिक कर्मचारियों, वकीलों और आम लोगों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया और किसी भी अनजान व्यक्ति की एंट्री रोक दी गई। सुरक्षा के लिहाज से हर गेट पर सख्त निगरानी रखी जा रही है।
बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड जांच में जुटे
मौके पर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड की टीमें पहुंच गईं। हर कमरे, गलियारे और पार्किंग एरिया की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। संदिग्ध वस्तुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी परिसर से विस्फोटक सामग्री मिलने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जांच पूरी होने तक सतर्कता बरती जा रही है।
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दो दिन पहले भी मिली थी धमकी
जानकारी के मुताबिक दो दिन पहले भी कई अदालतों को इसी तरह धमकी मिली थी, जो बाद में फर्जी साबित हुई। हालांकि इस बार फिर से धमकी मिलने के कारण सुरक्षा एजेंसियां ज्यादा सतर्क हैं। लगातार दूसरी बार ऐसी घटना होने से प्रशासन भी चिंतित है।
ई-मेल भेजने वाले की तलाश जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ई-मेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे किसका हाथ है। साइबर टीम तकनीकी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि अफवाहों से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन पूरे प्रदेश में सतर्कता बढ़ा दी गई है।