
मध्य प्रदेश में कफ सिरप से हुई मौतों के बाद यूपी में कफ सिरप निर्माताओं और इसे बेचने वालों पर अभी और शिकंजा कसने की उम्मीद है. अब तक की जांच और छापेमारी के दौरान कोल्ड्रिफ तो नहीं मिला, मगर अब प्रदेश में दो और कफ सिरप को लेकर खोजबीन शुरू हो गई है. ये सिरप हैं- रेस्पिफ्रेश टीआर और रीलाइफ. भारत में कोल्ड्रिफ के अलावा बने इन दोनों सिरप को भी विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने खतरनाक करार दे दिया है. साथ ही इसे लेकर चेतावनी भी जारी की गई है. आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. रोशन जैकब ने सभी जिलों को रेस्पिफ्रेश टीआर व रीलाइफ सिरप की भी जांच के निर्देश दे दिए हैं.
अंतर्राज्यीय कॉकस की यूपी में जड़ें काफी गहरी
प्रदेश में नकली दवाओं का बड़ा कारोबार चल रहा है. वहीं इस गोरखधंधे से जुड़े अंतर्राज्यीय कॉकस की यूपी में जड़ें काफी गहरी हैं. मिली जानकारी के अनुसार नामचीन कंपनियों के नाम से बनीं दवाएं और सिरप यहां पर बड़े पैमाने पर खपाए जा रहे हैं. हाल ही में आगरा में एक बड़ा मामला उजागर हुआ था, वहीं मंगलवार को लखीमपुर खीरी में भी नारकोटिक्स विंग ने करीब 70 लाख रुपये की दवाएं पकड़ी थीं. राजस्थान व मध्य प्रदेश में कई बच्चों की मौत का कारण कोल्ड्रिफ कफ सिरप को बताया गया है. इसी के चलते कफ सिरप को लेकर केंद्र ने यूपी सहित सभी राज्यों को एडवाइजरी जारी कर दी गई. इस एडवाइजरी के अनुसार पांच साल तक के बच्चों को कफ सिरप न देने और इससे बड़ों को चिकित्सक की सलाह पर ही देने को कहा गया है.
दो दर्जन से अधिक नतीजों में कोई अनसेफ नहीं- आयुक्त
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा कोल्ड्रिफ के अलावा पिछले सालों में जिन कफ सिरप पर कार्रवाई की गई है, उनके सहित तमाम कंपनियों के कफ सिरप के सैंपल लिए गए हैं. इन सभी कफ सिरप की संख्या तकरीबन 800 है. आयुक्त डॉ. जैकब के अनुसार लैब में इनकी जांच चल रही है. हालांकि अब तक सामने आए दो दर्जन से अधिक नतीजों में कोई भी अनसेफ नहीं मिला है. अब डब्ल्यूएचओ के रीलाइफ व रेस्पिफ्रेश टीआर सिरप को खतरनाक बताए जाने के बाद प्रदेश में इनकी जांच के भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं. इसके साथ ही ड्रग कंट्रोलर की तरफ से इस संबंध में सभी औषधि निरीक्षकों को जांच के लिए कहा गया है.
इसे भी पढ़ें : भारत को मिली 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी, विदेश मंत्री ने किया ऐलान, जानें किस शहर में होगा आयोजन
व्हाट्सअप नम्बर पर दें नकली दवाओं की सूचना- आयुक्त
आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डॉ. रोशन जैकब ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में उपभोक्ताओं को गुणवत्तापरक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित किए जाने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा लगातार प्रवर्तन अभियान जारी है. उन्होंने नकली दवाओं के निर्माण या भंडारण की सूचना के लिए व्हाट्सअप नम्बर-(8756128434) जारी किया है. आयुक्त डॉ जैकब का कहना है कि प्रदेश में अधोमानक, नकली, मिथ्याछाप एवं अपमिश्रित औषधियों के निर्माण, भण्डारण व विक्रय के संबंध में अगर कोई सूचना प्राप्त होती है, जिससे जनस्वास्थ्य प्रभावित होने की संभावना हो, तो ऐसी गोपनीय सूचना इस नंबर पर दे सकते हैं. वहीं दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी.