जैसे ही यूपी में ठंड बढ़ी, वैसे ही लाखों घरों में एक और तनाव बढ़ गया—बिजली बिल का डर। हर महीने मीटर की रीडिंग के साथ जेब पर पड़ने वाला बोझ लोगों को परेशान कर रहा था। लेकिन इसी बीच योगी सरकार की ओर से ऐसी राहत आई जिसने लोगों की टेंशन पल भर में खत्म कर दी। सरकार ने घोषणा की है कि 2 किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं और 1 किलोवाट तक के छोटे व्यावसायिक उपभोक्ताओं को बिजली बिल में बड़ी राहत दी जाएगी। इससे सर्दियों की शुरुआत बेहद राहतभरी हो गई है।
सबसे बड़ा तोहफा- 100% ब्याज और सरचार्ज माफी
इस योजना की सबसे खास बात है ब्याज और सरचार्ज का पूरा माफ होना। यानी जिन लोगों का मूल बिल तो कम था लेकिन ब्याज और पेनल्टी जुड़ते-जुड़ते बकाया लाखों में पहुंच गया था, उनके लिए यह फैसला जीवनदायिनी राहत बन गया है। सरकार सिर्फ मूलधन लेगी, वह भी 25% छूट के साथ। इस कदम से उम्मीद है कि लाखों उपभोक्ता नए साल से पहले अपना बकाया साफ कर पाएंगे और बिजली विभाग की रिकवरी भी मजबूत होगी।
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देश में कहां मिलती है कितनी मुफ्त बिजली?
देश के कई राज्यों ने बिजली को जनकल्याण का बड़ा हथियार बना दिया है। पंजाब और राजस्थान घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त देते हैं यही वजह है कि लाखों परिवारों को हर महीने शून्य बिल मिलता है। दिल्ली में 200 यूनिट तक बिजली पूरी तरह मुफ्त है, लेकिन 201 यूनिट होते ही पूरा बिल देना होता है। झारखंड और बिहार में 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त है, जिससे ग्रामीण परिवारों को बड़ा फायदा होता है। हिमाचल प्रदेश भी हर महीने 125 यूनिट की छूट देकर बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को राहत पहुंचा रहा है।
यूपी की राहत क्यों सबसे बड़ी मानी जा रही है?
देश में भले ही कई राज्यों में मुफ्त बिजली मिल रही हो, लेकिन यूपी में ब्याज और सरचार्ज की 100% माफी जैसे कदम बहुत कम देखने को मिलते हैं। यह फैसला उन परिवारों के लिए वरदान बना है जो सिर्फ पेनल्टी की वजह से बकाया चुका नहीं पा रहे थे। योगी सरकार का ये कदम न सिर्फ आर्थिक दबाव कम करेगा, बल्कि छोटे दुकानदारों, दिहाड़ी मजदूरों और निम्न आय वर्ग के उपभोक्ताओं को राहत देगा। सरकार का लक्ष्य साफ है किसी भी उपभोक्ता पर अतिरिक्त बोझ न रहे और राज्य की बिजली व्यवस्था पारदर्शी और जिम्मेदार बने।