
दिवाली के बाद अब उत्तर प्रदेश के लोगों को अपनी जेब थोड़ी और ढीली करनी पड़ सकती है, क्योंकि योगी सरकार ने टैक्स वसूली को लेकर बड़ा कदम उठा लिया है. सरकार ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब हाउस टैक्स के साथ-साथ वाटर टैक्स और सीवर टैक्स भी एक साथ जमा करना होगा. बताया जा रहा है कि टैक्स चोरी रोकने और नगर निकायों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए ये कदम उठाया गया है. सभी नगर निगमों और निकायों को इस संबंध में निर्देश भेजे जा चुके हैं. सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन घरों या प्रतिष्ठानों में जलापूर्ति और सीवर कनेक्शन लिया गया है, उनसे हर हाल में टैक्स की वसूली की जाएगी.
टैक्स भुगतान न करने वालों की बढ़ी टेंशन !
सरकार के आदेश के मुताबिक अब सभी नगर निकाय अपने-अपने क्षेत्रों में एक विस्तृत सर्वे कराएंगे. इस सर्वे के जरिए उन लोगों की पहचान की जाएगी जिन्होंने जल या सीवर कनेक्शन तो लिया है, लेकिन टैक्स का भुगतान नहीं किया. ऐसे लोगों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में टैक्स जमा करने के लिए कहा जाएगा. अगर किसी ने तय समय सीमा के भीतर टैक्स नहीं दिया, तो उनसे ब्याज सहित वसूली की जाएगी। योगी सरकार ने ये भी साफ कर दिया है कि लापरवाही बरतने वाले निकाय अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। टैक्स वसूली में ढिलाई दिखाने वाले अधिकारियों से जवाब-तलब होगा और जरूरत पड़ी तो अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर निगमों की सुस्त कार्यप्रणाली से नाराज
दरअसल, योगी सरकार नगर निगमों की सुस्त कार्यप्रणाली से नाराज है. पहले ही निर्देश दिया गया था कि हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और सीवर टैक्स की वसूली एक साथ की जाए, लेकिन कई जगहों पर ये आदेश लागू नहीं हुए. अब मुख्यमंत्री कार्यालय ने सभी नगर निगमों से रिपोर्ट मांगी है कि उन्होंने कितने बिल जारी किए, कितनी राशि वसूली गई और तीनों टैक्सों को एकीकृत करने के लिए क्या प्रयास किए गए. सरकार का मानना है कि प्रदेश के शहरी इलाकों में जहां जलापूर्ति और सीवर लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है, वहां टैक्स वसूली में देरी अनुचित है. इसीलिए अब एक व्यापक अभियान चलाकर वसूली को सुनिश्चित किया जाएगा.
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जनता को सीधे तौर पर लाभ मिले- CM
योगी सरकार का कहना है कि ये कदम केवल राजस्व बढ़ाने के लिए नहीं है, बल्कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए जरूरी है. टैक्स से मिलने वाले राजस्व से नगर निकायों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और जलापूर्ति, सफाई और सीवर सिस्टम जैसी शहरी सेवाओं में सुधार किया जा सकेगा. सरकार का लक्ष्य शहरी निकायों में पारदर्शिता और अनुशासन लाना है ताकि जनता को सीधे तौर पर लाभ मिले.