
उत्तर प्रदेश में इस समय मानसूनी बारिश पूरी तरह से सक्रिय है। लगातार हो रही बारिश और कई जगहों पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए सरकार ने 2 सितंबर को कई जिलों में स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। सबसे ज्यादा असर पश्चिमी यूपी में देखने को मिल रहा है, जहां मौसम विभाग ने पहले से ही चेतावनी जारी की थी।
मेरठ, बरेली, मुरादाबाद, रायबरेली और अलीगढ़ जैसे जिलों में स्कूलों को बंद रखने का आदेश दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम बच्चों की सुरक्षा और खराब मौसम की वजह से उठाया गया है।
सोमवार को भी कई जिलों में रही बंदी
इससे पहले सोमवार को भी प्रदेश के कई जिलों में स्कूल बंद रहे थे। खासकर रायबरेली और पीलीभीत के साथ-साथ पूर्वी यूपी और तराई के इलाकों में मौसम की खराब स्थिति को देखते हुए अवकाश घोषित किया गया था। रायबरेली में तो लगातार दो दिनों से स्कूलों की छुट्टी की जा रही है।
क्यों बरस रही है इतनी बारिश?
लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, पिछले दो दिनों से सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण और पश्चिमी विक्षोभ के कारण बारिश तेज हुई है। मानसूनी रेखा उत्तर की ओर खिसक गई है, जिसकी वजह से प्रदेश भर में कहीं भारी तो कहीं अत्यधिक भारी बारिश हो रही है।
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कब मिलेगी राहत?
मौसम विभाग का अनुमान है कि 2 सितंबर तक प्रदेश में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके बाद 3 सितंबर से बारिश की तीव्रता में कमी आने लगेगी और मौसम सामान्य होने की संभावना है।
किन जिलों में अलर्ट जारी?
ऑरेंज अलर्ट (अत्यधिक भारी बारिश): सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और आसपास के इलाके।
येलो अलर्ट (भारी बारिश): प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही, जौनपुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, बागपत, मेरठ, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, संभल, बदायूं और आसपास के इलाके।
बहरहाल लगातार हो रही बारिश ने लोगों को राहत के साथ-साथ मुश्किलें भी दी हैं। जहां किसानों के चेहरे पर फसल के लिए मुस्कान लौटी है, वहीं जलभराव और स्कूलों के बंद होने से आम लोगों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक बाहर न निकलने की सलाह दी है।