
उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बेटियों के सशक्तिकरण और उनके उज्जवल भविष्य के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना शुरू की है, जो बेटियों को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक आर्थिक सहायता प्रदान करती है. यह योजना समाज में व्याप्त कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह और लैंगिक असमानता जैसे कुरीतियों को खत्म करने का एक मजबूत कदम है. 25 अक्टूबर 2019 को शुरू हुई इस योजना ने लाखों परिवारों की बेटियों को नया आत्मविश्वास और अवसर प्रदान किए हैं. 2025-26 के बजट में इसके लिए 700 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जो सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. आइए जानते हैं इस योजना के उद्देश्य, पात्रता, लाभ, और आवेदन प्रक्रिया के बारे में
कन्या सुमंगला योजना क्या है?
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है. जो आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करती है. इस योजना का मुख्य लक्ष्य बेटियों को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, कन्या भ्रूण हत्या को रोकना, लिंग अनुपात को संतुलित करना और बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों को समाप्त करना है. यह योजना छह चरणों में 25,000 रुपए की कुल राशि प्रदान करती है, जो बेटी के जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों पर दी जाती है. यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे पारदर्शिता और दुरुपयोग की रोकथाम सुनिश्चित होती है.
योजना के चरण और लाभ
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना बेटी के जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक छह चरणों में वित्तीय सहायता प्रदान करती है. ये चरण इस प्रकार हैं:
1. पहली श्रेणी: बेटी के जन्म पर 5,000 रुपए की एकमुश्त राशि होती है. यह राशि नवजात बेटी के परिवार को दी जाती है, जो 1 अप्रैल 2019 या उसके बाद जन्मी बेटियों के लिए लागू है.
2. दूसरी श्रेणी: एक साल की आयु में पूर्ण टीकाकरण के बाद 2,000 रूपए की राशि है. यह स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देता है.
3. तीसरी श्रेणी: पहली कक्षा में प्रवेश पर 3,000 रूपए की एकमुश्त राशि की ये श्रेणी है. यह प्राथमिक शिक्षा की शुरुआत को प्रोत्साहित करता है.
4. चौथी श्रेणी: छठी कक्षा में प्रवेश पर 3,000 रुपए की राशि की है. यह माध्यमिक शिक्षा की दिशा में एक कदम है.
5. पांचवीं श्रेणी: नौवीं कक्षा में प्रवेश पर 5,000 रुपए की राशि की है. यह किशोरावस्था में शिक्षा को बढ़ावा देती है.
6. छठवीं श्रेणी: 10वीं या 12वीं कक्षा पास करने के बाद स्नातक या दो साल के डिप्लोमा कोर्स में प्रवेश पर 7,000 रूपए की राशि दी जाती है. यह उच्च शिक्षा और आत्मनिर्भरता की ओर एक बड़ा कदम है.
ये राशियां पब्लिक फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम (PFMS) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती हैं. अगर बेटी 18 साल से कम उम्र की है, तो राशि माता के खाते में और माता नहीं है तो पिता या अभिभावक के खाते में भेजी जाती है. 18 साल से अधिक उम्र की बेटियों के लिए राशि उनके स्वयं के खाते में जमा होती है.
पात्रता के लिए मानदंड
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का लाभ लेने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी:
निवास: लाभार्थी का परिवार उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए. इसके लिए राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, बिजली या टेलीफोन बिल जैसे दस्तावेज मान्य हैं.
आय सीमा: परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए.
बेटियों की संख्या: एक परिवार की अधिकतम दो बेटियां इस योजना का लाभ ले सकती हैं. अगर परिवार में कुल दो बच्चे हैं, तो यह शर्त लागू होती है.
विशेष मामले: अगर दूसरी डिलीवरी में जुड़वां बेटियां पैदा होती हैं और पहली डिलीवरी में एक बेटी है, तो सभी तीन बेटियां पात्र होंगी. गोद ली गई अनाथ बेटी के मामले में जैविक और गोद ली गई बेटियों को मिलाकर अधिकतम दो बेटियां ही लाभ ले सकती हैं.
जन्म तिथि: 1 अप्रैल 2019 के बाद जन्मी बेटियां पूर्ण लाभ के लिए पात्र हैं. इससे पहले जन्मी बेटियां आंशिक लाभ ले सकती हैं जो उनके चरण के आधार पर तय होता है.
आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन और ऑफलाइन
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए आवेदन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से किया जा सकता है.
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ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया
1. वेबसाइट पर जाएं: आधिकारिक पोर्टल mksy.up.gov.in पर जाएं और 'Citizen Service Portal' में 'Apply Here' पर क्लिक करें.
2. नियम और शर्तें: योजना की शर्तें पढ़ें और 'I Agree' पर क्लिक करें.
3. रजिस्ट्रेशन: परिवार, मोबाइल नंबर, और ग्रामीण/शहरी विवरण भरें. OTP के माध्यम से सत्यापन करें.
4. लॉगिन: प्राप्त यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें.
5. फॉर्म भरें: बेटी का विवरण, बैंक खाता, और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें.
6. सबमिट करें: फॉर्म जमा करें और आवेदन संख्या (Registration ID) और रसीद प्राप्त करें. आवेदन की स्थिति ऑनलाइन चेक की जा सकती है.
ऑफलाइन आवेदन प्रक्रिया
अगर ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो ये कदम उठाएं:
- नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या जिला महिला एवं बाल विकास कार्यालय से फॉर्म लें.
- आवश्यक दस्तावेज संलग्न करें और फॉर्म खंड विकास अधिकारी (SDM) या जिला प्रोबेशन अधिकारी को जमा करें.
- अधिकारी इसे ऑनलाइन अपलोड करेंगे, और आपको आवेदन संख्या मिलेगी. डाक से फॉर्म स्वीकार नहीं किए जाते.
आवश्यक दस्तावेज
आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी हैं:
निवास प्रमाण: राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर आईडी, बिजली/टेलीफोन बिल.
आधार कार्ड: माता, पिता, और बेटी का (10 अक्टूबर 2022 से अनिवार्य).
जन्म प्रमाण पत्र: बेटी का
आय प्रमाण पत्र: परिवार की आय 3 लाख रुपए से कम होने का प्रमाण.
बैंक खाता विवरण: पासबुक की कॉपी.
फोटो: बेटी और आवेदक की संयुक्त तस्वीर.
शपथ पत्र: निर्धारित प्रारूप में.
विशिष्ट दस्तावेज: जन्म प्रमाण पत्र, फोटो, शपथ पत्र.
टीकाकरण कार्ड.
स्कूल प्रवेश प्रमाण पत्र.
10वीं/12वीं मार्कशीट, स्नातक/डिप्लोमा प्रवेश रसीद.
हेल्पलाइन नंबर
योजना से संबंधित किसी भी जानकारी या शिकायत के लिए इन हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें:
1800-833-0100 और 1800-180-0300
बता दें कि 2025-26 के उत्तर प्रदेश बजट में योजना के लिए 700 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, जो इसका दायरा बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. वहीं 2024 में लाभ राशि को 15,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए किया गया, जो बेटियों के लिए और अधिक सहायता सुनिश्चित करता है. 2019 में शुरू होने के बाद से 2023 तक इस योजना ने 15 लाख बेटियों को लाभ पहुंचाया, जिसमें 2,250 करोड़ रुपए वितरित किए गए. यह आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है. मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना उत्तर प्रदेश की बेटियों के लिए एक वरदान है. यह न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि सामाजिक बुराइयों को खत्म करने और बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करती है. अगर आप उत्तर प्रदेश के निवासी हैं और इस योजना की पात्रता शर्तें पूरी करते हैं, तो तुरंत आवेदन करें. अपनी बेटी के भविष्य को सुरक्षित करने का यह सुनहरा अवसर न चूकें. ऑनलाइन पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से प्रक्रिया को और आसान बनाया गया है.