
UP Panchayat Chunav: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों को लेकर योगी सरकार ने अभी से कमर कस ली है. सरकार की योजना है कि गांवों का व्यापक विकास कर चुनावी माहौल अपने पक्ष में किया जाए. इसके लिए राज्य सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं को केंद्रीय व राज्य वित्त आयोग से मिले 4033.84 करोड़ रुपए ग्रामीण विकास में खर्च करने का निर्देश दिया है. यह राशि जल आपूर्ति, स्वच्छता, सड़कों और सार्वजनिक सेवाओं पर खर्च की जाएगी. इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 11,350 पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना का आदेश भी दे दिया है, जिससे गांव के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी.
डिजिटल लाइब्रेरी से गांवों के युवाओं को फायदा
सरकार की योजना के अनुसार, प्रदेश के 11,350 पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जाएंगी, जिनके लिए 454 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं. एक लाइब्रेरी पर चार लाख रुपए खर्च होंगे, जिसमें दो लाख रुपये कंप्यूटर, कुर्सी, मेज और अन्य आवश्यक सामग्री पर तथा बाकी दो लाख रुपये पुस्तकें खरीदने में लगेंगे. पुस्तक चयन का काम जिला कमेटियां करेंगी. इन लाइब्रेरी से गांव के छात्र-छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने में सहायता मिलेगी, जिससे गांवों की शिक्षा व्यवस्था में नया बदलाव आएगा.
किसानों को बायोगैस यूनिट पर सब्सिडी
महंगे एलपीजी सिलेंडर से राहत देने के लिए सरकार ने चार जिलों - अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर और गोंडा में 2250 बायोगैस यूनिट लगाने का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है. एक यूनिट की लागत 39,300 रुपये होगी, जिसमें किसान को केवल 10% यानी 3990 रुपये देना होगा. बाकी रकम सरकार और कार्बन क्रेडिट मॉडल के जरिए दी जाएगी. इससे किसान रसोई गैस पर निर्भरता कम कर सकेंगे, साथ ही गोपालन और गोबर से अतिरिक्त आमदनी भी होगी. सरकार को उम्मीद है कि इन योजनाओं से गांवों में सकारात्मक असर पड़ेगा और पंचायत चुनावों में इसका फायदा भाजपा को मिलेगा.