
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को प्रदेश में सहकारिता के क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए बड़ा कदम उठाया। मुख्यमंत्री ने राज्य में सहकारिता के अध्ययन, अध्यापन और शोध को बढ़ावा देने के लिए राज्य सहकारी महाविद्यालय स्थापित करने के निर्देश दिए। केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल की मौजूदगी में हुई समीक्षा बैठक में इस विषय पर विस्तार से चर्चा की गई।
अन्न भंडारण योजना को मिली सर्वोच्च प्राथमिकता
बैठक में बताया गया कि एफसीआई ने 35 जिलों में 96 स्थानों पर नए गोदाम बनाने की जमीन चिन्हित कर ली है। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि 15 नवंबर 2025 तक वित्तीय प्रक्रिया पूरी कर ली जाए और जनवरी 2026 से निर्माण कार्य शुरू हो जाए। अप्रैल 2026 तक गोदाम तैयार कर किसानों को सौंपे जाएंगे। योगी ने जोर देकर कहा कि यह योजना किसानों की समृद्धि का आधार बनेगी और इसे सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
एम-पैक्स अभियान से हर किसान को जोड़ा जाएगा
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि 12 सितंबर से 12 अक्टूबर तक एम-पैक्स सदस्यता महाअभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हर किसान और ग्रामीण परिवार को सहकारिता से जोड़ना सरकार का लक्ष्य है। 2023 में हुए पहले अभियान में 30 लाख से अधिक लोग जुड़े थे, जिनमें बड़ी संख्या किसानों और श्रमिकों की थी। इस बार इसे और व्यापक बनाने की तैयारी है।
अब तक इस वित्तीय वर्ष में 457 नए एम-पैक्स गठित हो चुके हैं, जबकि 1,088 ग्राम पंचायतों में प्रक्रिया चल रही है। इन्हें उर्वरक वितरण के लिए ₹10 लाख तक ब्याजमुक्त ऋण सीमा दी गई है। अब तक एम-पैक्स का टर्नओवर ₹5,400 करोड़ तक पहुंच चुका है और इससे ₹120 करोड़ की आय हुई है।
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सहकारी बैंकिंग सुधार और डिजिटल इंडिया की राह
योगी सरकार ने बताया कि 2017 से अब तक 16 बंद पड़े जिला सहकारी बैंकों को पुनर्जीवित किया गया है। इसके लिए ₹306.92 करोड़ की मदद दी गई। नतीजा यह हुआ कि इन बैंकों का एनपीए 800 करोड़ से घटकर मार्च 2025 में 278 करोड़ रह गया है और अब सभी बैंक लाभ में आ चुके हैं। डिजिटल सुविधा बढ़ाने के लिए 6,101 सोसाइटी में क्यूआर/यूपीआई पेमेंट सिस्टम लागू कर दिया गया है। साथ ही 5,170 एम-पैक्स में सीएससी सेवाएं, 6,443 में पीएम किसान समृद्धि केंद्र और 161 में जन औषधि केंद्र खोले जा चुके हैं।
सहकारिता बनेगी युवाओं के लिए रोजगार का जरिया
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि सहकारिता भारतीय समाज की प्राचीन परंपरा है और इसे कृषि, डेयरी, मत्स्य और सेवा क्षेत्रों में युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बनाया जाएगा। इस बैठक में कैबिनेट मंत्री सूर्य प्रकाश शाही, धर्मपाल सिंह, संजय निषाद समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। योगी सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सहकारिता अब सिर्फ संगठन नहीं, बल्कि किसानों की तरक्की और युवाओं की नौकरी का आधार बनने जा रही है।